19 जनवरी को एमडीएम निदेशक के समक्ष विद्यालय रसोइया संघ का प्रदर्शन सम्पन्न -सरोज चौबे
19 जनवरी को एमडीएम निदेशक के समक्ष विद्यालय रसोइया संघ का प्रदर्शन सम्पन्न -सरोज चौबे

जे टी न्यूज, पटना:
19 जनवरी को एमडीएम निदेशक के पटना स्थित कार्यालय के समक्ष सरकारी विद्यालय में कार्यरत
रसोइया अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व संघ की महासचिव सरोज चौबे, ऐक्टू के राष्ट्रीय सचिव रणविजय कुमार, भाकपा- माले के पूर्व विधायक गोपाल रविदास, भाकपा- माले नेता कमलेश कुमार,संघ की सचिव सोना देवी, सह सचिव रिंकू देवी, ऐपवा नेत्री अनुराधा सिंह, राखी मेहता, दमयन्ती सिंहा, रसोइया नेत्री रीता देवी, सुनीता देवी, गुड़िया देवी, जुलेखा खातून, , लीलावती देवी आदि ने किया। जुलूस जीपीओ गोलंबर से निकाला गया और एमडीएम कार्यक्रम के सामने एक सभा की गई । सभा को संबोधित करते हुए बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ महासचिव सरोज चौबे ने कहा कि सरकार मध्याह्न भोजन योजना का एनजीओ करण कर रही है जिससे बच्चों को घटिया खाने की आपूर्ति की जा रही है। इसीलिए एनजीओ को एमडीएम से तत्काल बाहर करना होगा।साथ ही रसोइयों को सरकारी कर्मचारी घोषित करना होगा। मानदेय तत्काल दस हजार करना होगा चार श्रम कोड कानून को रद्द करना होगा।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीने से राज्य के लाखों रसोइया का मानदेय बकाया का भुगतान लंबित है। रसोइयों को समय से पहले किसी न किसी बहाने जबरन रिटायर करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि उन्हें न तो कोई सामाजिक सुरक्षा मुहैया की जाती है और नही स्वास्थ्य बीमा व पेंसन आदि सहित न तो ड्रेस दिया जाता न ही मातृत्व अवकाश अथवा विशेष अवकाश का लाभ भी नहीं दिया जाता।

कामरेड रणविजय कुमार ने कहा कि चुनाव पूर्व रसोइयों का वोट लेने के लिए उनका मानदेय बढ़ा दिया लेकिन अब उन्हें अन्य सुविधाएं तो दूर महीने महीने मानदेय तक नहीं दिया जाता। तीन महीने से मानदेय नहीं मिला। क्रिसमस, नववर्ष व मकरसंक्रांति बीत गए, रसोइयों के त्योहार फीके ही रहे। रसोइयों पर केवल काम का बोझ बढ़ाया जा रहा है। यहां तक कि उनसे झाड़ू लगवाया जाता है और शौचालय में पानी डलवाया जाता है।
कामरेड गोपाल रविदास ने कहा कि
बिहार में एनजीओ को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। जबकि एनजीओ के द्वारा आपूर्ति किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता इतनी घटिया होती है कि बच्चे या तो खाना लेते नहीं और लेते भी है तो फेंक देते हैं। ऊपर से नीचे तक केवल भ्रष्टाचार व्याप्त है।
मध्याह्न भोजन योजना निदेशक से सात सदस्यीय प्रति निधिमण्डल ने मिलकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।

