*ए आई के एस का गुंटूर सांगठनिक कन्वेंशन समाप्त*
*ए आई के एस का गुंटूर सांगठनिक कन्वेंशन समाप्त*

गुंटूर। ए आई के एस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का. अशोक ढवले ने कन्वेंशन का समापन भाषण करते हुए कहा कि हमारा अखिल भारतीय किसान सभा 90 साल का हो गया ।1936 में स्वामी सहजानंद सरस्वती हमारे संस्थापक अध्यक्ष थे।इस 90 साल में हम अपने संघर्ष और कुर्बानियों के बल पर आज भारत का सबसे बड़ा किसान संगठन बन गए।हम इतना ही पर नहीं रुके।हमारा किसान सभा अपने संघर्ष और संगठन के बल पर आज दुनिया का सबसे बड़ा किसान संगठन बन गया।हमारे संघर्ष और शहादत की भी एक लंबी फेहरिस्त है।हमारे किसान नेता का. पी सुंदरैया,मुजफ्फर अहमद, ई एम एस नंबूदरीपाद,ज्योति बसु,ए के गोपालन,बासव पुनैया,गोदावरी पारुलेकर,हरकिशन सिंह सुरजीत के आजीवन तथा अनवरत संघर्ष की नींव पर हम खड़े हैं।

हमारा नाशिक,पालघर, महाराष्ट्र ,जयपुर लौंग मार्च एक नया इतिहास बनाया है।जयपुर में हम 8 दिन बैठे रहे और 2005 में वसुंधरा सरकार को हमारे प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के लिए बाध्य होना पड़ा।
संयुक्त किसान मोर्चा में भी हम कश्मीर से कन्याकमारी तक हर जगह संघर्ष में नजर आते हैं
।संयुक्त किसान मोर्चा के सभी फैसलों को हम देश भर में अन्य घटक किसान संगठनों के साथ साथ मिलकर संघर्ष को धारदार बनाने का कर रहे हैं।
आज हमें महिलाओं और युवाओं को किसान सभा में बड़े पैमाने पर शामिल करना है।क्योंकि 70 % खेती और परिवार का कार्य महिलाएं करती है।क्योंकि आदिवासियों की महान संघर्षशील नेत्री का. गोदावरी पारुलेकर किसान सभा की राष्ट्रीय महासचिव थी।हमें उसे दोहराने की जरूरत है

