मांझी का कद राज्य की राजनीति में लालू यादव ने बढ़ाया

मांझी का कद राज्य की राजनीति में लालू यादव ने बढ़ाया

जे टी न्यूज, पटना: जीतन राम मांझी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी, लेकिन 1990 के दशक में जब लालू प्रसाद यादव का बिहार की राजनीति में उदय हुआ, तो मांझी उनके करीब आए।
​मंत्री पद का उपहार: लालू यादव ने मांझी की क्षमता को पहचाना और उन्हें अपनी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया।
​दलित चेहरा: लालू यादव ने मांझी को अपनी पार्टी में एक प्रमुख दलित चेहरे के रूप में पेश किया, जिससे मांझी का कद राज्य की राजनीति में बढ़ा।
​. संकट के समय साथ और वफादारी
​जब 1997 में लालू प्रसाद यादव जी को जेल जाना पड़ा और उन्होंने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाया, तब जीतन राम मांझी उन वफादारों में शामिल थे जिन्होंने राबड़ी सरकार को मजबूती से संभाले रखा। वह राबड़ी देवी की सरकार में भी प्रभावशाली मंत्री रहे।
​. मोहभंग और जदयू की ओर पलायन
​2005 में जब बिहार में सत्ता परिवर्तन हुआ और नीतीश कुमार की लहर चली, तब मांझी ने लालू यादव का साथ छोड़ दिया और जदयू में शामिल हो गए।

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