March 24, 2026 2 minutes read बलि राम भगत महाविद्यालय में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ

बलि राम भगत महाविद्यालय में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ


जे टी न्यूज़, समस्तीपुर : बलि राम भगत महाविद्यालय में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ हुआ।इसका विषय है: टेक्नॉलजी एंड ह्यूमन लाइफ : पर्सपेक्टिव्स एंड इम्प्लिकेशन्स इसकी अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ जगदीश प्रसाद बैस्यंत्री ने की।इस कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन कर्पूरी सभागार,बारह पत्थर में समस्तीपुर की विधायक और कॉन्फ्रेंस की मुख्य अतिथि अश्वमेध देवी द्वारा किया गया।इस कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि NAOP के महासचिव प्रो संजय कुमार थे।आमंत्रित वक्ता के रूप में डी ए वी कॉलेज,वाराणसी के प्रो राजेश झा थे।इस कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से किया गया। जिसकी प्रस्तुति लक्ष्मी कुमारी स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र विभाग के द्वारा किया गया।

इसके बाद कुलगीत एवं स्वागत गीत की प्रस्तुति की गई जिसमें लक्ष्मी,अंजलि, आंचल,साक्षी का तबला पर आनंद प्रियदशी ने उनके साथ दिया। तत्पश्चात सभी अतिथियों का स्वागत पाग,चादर,पुष्पगुच्छ एवं मोमेंटो से किया गया।अपने स्वागत भाषण और अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रधानाचार्य डॉ जे पी वैश्यंत्री ने कहा कि मानव विकास में तकनीकी की अहम भूमिका है। हम तकनीकी का प्रयोग मानव जीवन को बेहतर बनाने के लिए करते हैं।उन्होंने शिक्षा और तकनीकी के समन्वय पर जोर दिया और कहा कि अगर शिक्षा मजबूत है तो समाज सशक्त होगा और जब समाज सशक्त होगा तो राष्ट्र सशक्त होगा।इसके बाद कॉन्फ्रेंस के समन्वयक और महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ राजेश कुमार मौर्य द्वारा विषय प्रवर्तन किया गया।उन्होंने तकनीकी के अनुप्रयोग और उनके दुष्प्रभावों पर चर्चा की। मुख्य अतिथि के रूप में विधायक अश्वमेध देवी ने कहा कि कोई भी काम छोटा नहीं होता है, हम जो भी काम करें मन से करें तभी हम आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने लड़कियों की शिक्षा पर विशेष जोर दिया।

विशिष्ट अतिथि प्रो संजय कुमार ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति सम्मानित जीवन जीना चाहता है और सम्मानित जीवन जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाता है । तकनीकी का प्रयोग हमें जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने में करना चाहिए। नीतियों के साथ-साथ मनोवृत्ति को बदलना सबसे बड़ी चुनौती है। शिक्षा मन के परिवर्तन का उपयुक्त माध्यम है। मन को नियंत्रित कर जीवन की दिशा निर्धारित की जा सकती है।आमंत्रित वक्ता प्रो राजेश झा ने कहा कि जीवन में मन, भाव एवं व्यवहार में संतुलन आवश्यक है। तकनीकी का प्रयोग उसी सीमा तक करना चाहिए जिससे जीवन का संतुलन न भंग हो। तकनीक जीवन को आसान बनाने के लिए है ,कठिन बनाने के लिए नहीं। तकनीक का संतुलित उपयोग होना चाहिए। उद्घाटन सत्र में मंच संचालन महाविद्यालय के संस्कृत विभाग के डॉ वागीश कुमार पाठक ने किया। उद्घाटन सत्र के अंत में धन्यवाद ज्ञापन कांफ्रेंस के आयोजन सचिव और इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो विकास कुमार पटेल ने किया। इस अवसर पर विभिन्न महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यो में समस्तीपुर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ शशि भूषण कुमार शशि, ए एन डी कॉलेज के प्रो अजय प्रसाद, आर एन ए आर कॉलेज के प्रो दिलीप प्रसाद, डॉ एल के वी डी कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ धर्मराज राम उपस्थित रहें। इस दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में नेपाल एवं बांग्लादेश के डेलिगेट्स के साथ-साथ बिहार और बिहार के बाहर के विभिन्न महाविद्यालय से आए शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मी उपस्थित रहकर कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना पूरा सहयोग किए। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में आयुष्मान, नेहा, अनमोल, प्रणव, अदिति, पूजा, प्रिया, सौम्या आदि छात्रों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया।

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