मुख्यमंत्री नीतीशकुमार की समृद्धि यात्रा का पांचवां चरण 23 मार्च से

पहले दिन जहानाबाद और अरवल का दौरा करेंगे

मुख्यमंत्री नीतीशकुमार की समृद्धि यात्रा का पांचवां चरण 23 मार्च से

पहले दिन जहानाबाद और अरवल का दौरा करेंगे

जे टी न्यूज, पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ के पांचवें चरण का कार्यक्रम शुक्रवार को चौथा चरण समाप्त होने के साथ ही जारी कर दिया गया। चौथे चरण के अंतिम दिन मुख्यमंत्री ने गया और औरंगाबाद जिलों का दौरा कर विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
समृद्धि यात्रा 4.0 के आखिरी दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गया और औरंगाबाद पहुंचे, जहां उन्होंने जमीनी स्तर पर चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए और कई नई परियोजनाओं की शुरुआत भी की गई। इस दौरान स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनी गईं। चौथे चरण की समाप्ति के बाद मुख्यमंत्री दो दिनों का विश्राम लेंगे। इसके बाद 23 मार्च से समृद्धि यात्रा 5.0 की शुरुआत की जाएगी। इस चरण में भी सीएम का फोकस विकास कार्यों की मॉनिटरिंग और जनता से सीधे संवाद पर रहेगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पांचवें चरण की यात्रा 23 मार्च से 26 मार्च तक चलेगी। इसके तहत सीएम नीतीश 23 मार्च को जहानाबाद और अरवल का दौरा करेंगे, जबकि रात्रि विश्राम पटना में होगा। 24 मार्च को कैमूर और रोहतास में कार्यक्रम होगा, फिर पटना में रात्रि विश्राम होगा। 25 मार्च को भोजपुर और बक्सर जिलों का दौरा करेंगे और रात्रि विश्राम पटना में होगा। जबकि 26 मार्च को वह अपने गृह जिला नालंदा में विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। इसके बाद पटना में समापन कार्यक्रम होगा। इस यात्रा की खास बात यह है कि मुख्यमंत्री हर जिले में ‘जन संवाद’ कार्यक्रम के जरिए सीधे आम लोगों से जुड़ रहे हैं। इससे सरकार को जमीनी फीडबैक मिल रहा है, वहीं जनता को अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का मौका मिल रहा है। बता दें कि समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री संबंधित जिलों में चल रही विकासात्मक और कल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा करते हैं।

वे अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश भी देते हैं। इसके साथ ही ‘जन संवाद’ कार्यक्रम के माध्यम से आम लोगों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को सुनते हैं और मौके पर समाधान के निर्देश देते हैं। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न जिलों को करोड़ों रुपये की नई परियोजनाओं की सौगात भी देते रहे हैं, जिससे विकास को गति मिल रही है। राजनीतिक दृष्टिकोण से यह यात्रा बेहद अहम मानी जा रही है। नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़कर अब राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं। ऐसे में इसे उनके कार्यकाल की अंतिम यात्रा के रूप में भी देखा जा रहा है। इस वजह से यह दौरा प्रशासनिक के साथ-साथ राजनीतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण बन गया है।

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