भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत को समर्पित प्रेरणा (जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा) का नाट्य आयोजन

भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत को समर्पित प्रेरणा (जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा) का नाट्य आयोजन


जे टी न्यूज़, पटना : प्रेरणा (जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा) ने भगत सिंह , राजगुरु और सुखदेव की शहादत को याद करते हुए दिनांक 23 और 24 मार्च 2026 को पटना में दो दिवसीय नाट्य आयोजन किया। यह आयोजन पटना के हाउस ऑफ वेरायटी में संपन्न हुआ।नाट्य आयोजन के प्रारंभ में प्रेरणा जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा के सचिव हसन इमाम ने भगत सिंह,राजगुरु और सुखदेव की साम्राज्यवाद विरोधी वैचारिक और भौतिक संघर्ष के मायने,उनके सपनों और मूल्यों को रेखांकित करते हुए आज के दौर के शासक वर्गीय हमलों के खिलाफ मेहनतकशों की व्यापक एकता और संघर्ष की जरूरत को भी रेखांकित किया। एक संक्षिप्त उद्बोधन के बाद हरखू के गांव में नाटक की प्रस्तुति प्रारंभ हुई। प्रेमचंद की कहानियों पर आधारित दो दिवसीय नाट्य प्रस्तुति शानदार रही। गरीब का जीवन का है,नरक के सामान,अमीर लोगन को देखिए ओकरा पास का कमी है! चोरी वो करे,जाल फरेब वो करे,झूठे मुकदमे वो करे,किस बात के हमसे ऊंचे..मुंह से हमसे ऊंचे।ऐसे संवाद दर्शकों के सामने बड़े सवाल छोड़ गए। प्रेमचंद की तीन कहानियों सवा सेर गेहूं,ठाकुर का कुआं और पूस की रात का कोलाज है नाटक हरखू के गांव में।

हरखू को ही शोषितों का प्रतिनिधि मानकर इस नाट्य प्रस्तुति में शामिल अन्य कहानियों की कथानक को सूत्रबद्ध किया गया है। ठाकुर का कुआं जहां जाति व्यवस्था के अमानवीय चरित्र को उजागर करता है तो सवा सेर गेहूं महाजनों के शोषण की चक्की में पिसती आमजन की पीड़ा को।कुल मिलाकर इस नाट्य प्रस्तुति में प्रेमचंद द्वारा अपनी कहानियों के माध्यम से उठाए गए सामाजिक और आर्थिक शोषण और गैरबराबरी के प्रश्न को मंच पर जीवंत किया गया है। प्रस्तुति का समापन प्रतिरोध से होता है जब एक पात्र बेगारी करने से इंकार कर देता है,दर्शकों से न्याय के पक्ष में खड़ा होने की अपील करता है।कथानक के शानदार मैसेज को ओम प्रकाश बाल्मीकि की कविता , कुआं ठाकुर का… खेत ठाकुर का…अपना क्या के प्रयोग द्वारा प्रभावशाली बनाया गया है। संवाद अदायगी और जीवंत अभिनय से कलाकारों ने कथानक को जीवंत कर दिया । कथानक के अनुकूल मंच सज्जा और संगीत के इस्तेमाल ने कथानक को संप्रेषणीय बनाने में महती भूमिका निभाई। इस प्रस्तुति में सोनू कुमार,विशाल कुमार,अमरेंद्र कुमार,राहुल कुमार,शिवदत्त सक्सेना,राकेश रंजन और साहिबा मल्लिक ने शानदार अभिनय किया।संगीत संयोजन आदर्श राज प्यासा द्वारा किया गया तो प्रकाश परिकल्पना और निर्देशन राकेश रंजन द्वारा।

Related Articles

Back to top button