कृषि एवं ग्रामीण श्रमिकों के लिए अखिल भारत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक – मार्च, 2021

- कृषि एवं ग्रामीण श्रमिकों के लिए अखिल भारत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (आधार 1986-87 = 100) माह मार्च, 2021 में 2 एवं 1 अंक घट कर क्रमशः 1035 अंकों (एक हजार पैंतीस) तथा 1043 अंकों (एक हजार तैंतालीस) के स्तर पर रहे ।
- सूचकांक में इस कमी का मुख्य योगदान खाद्य समूह का क्रमशः (-) 3.69 अंक और (-) 3.34 अंक रहा । यह कमी मुख्यतः ज्वार, प्याज, हरी मिर्च, लहसुन, सब्जियां एवं फल इत्यादि की कीमतों में गिरावट के कारण रही।
- सीपीआई- एएल और सीपीआई- आरएल के आधार पर मुद्रास्फीति की दर इंगित करते हुए मार्च में क्रमशः 2.78 फीसदी और 2.96 फीसदी हो गई जो फरवरी 2021 में क्रमश: 2.67 फीसदी और 2.76 फीसदी रहा था।
- इसी तरह, सीपीआई-एएल और सीपीआई-आरएल के खाद्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति मार्च में बढ़कर क्रमशः (+)1.66% और (+) 1.86% हो गई जो फरवरी 2021 में क्रमश: 1.55% और 1.85 फीसदी था।
- राज्यों के बीच:
- कृषि मजदूरों और ग्रामीण मजदूरों के मामले में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक संख्या में अधिकतम कमी तमिलनाडु राज्य (क्रमश: -9 अंक और -8 अंक) में दर्ज की गई।
- कृषि मजदूरों और ग्रामीण मजदूरों के मामले में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक संख्या में अधिकम वृद्धि त्रिपुरा राज्य (+8 अंक और +7 अंक) में दर्ज की गई।
- कृषि मजदूरों और ग्रामीण मजदूरों के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में (आधार: 1986-87 = 100) मार्च, 2021 के दौरान 2 और 1 अंक की कमी आई यह घटकर क्रमश: 1035 (एक हजार और पैंतीस) और 1043 (एक हजार और तैंतालीस) पर रहा। कृषि मजदूरों और ग्रामीण मजदूरों के सामान्य सूचकांक में गिरावट में प्रमुख योगदान खाद्य के साथ क्रमशः (-) 3.69 अंक और (-) 3.34 अंकों का रहा है जो मुख्य रूप से ज्वार, प्याज, मिर्च हरी, लहसुन, सब्जियां और फल आदि की कीमतों में गिरावट के कारण हुआ।
- विभिन्न राज्यों के सूचकांकों में गिरावट/वृद्धि भिन्न–भिन्न रही। कृषि श्रमिकों के लिए 13 राज्यों के सूचकांकों में 1 से 9 अंकों की गिरावट रही तथा 7 राज्यों के सूचकांक में 1 से 8 अंकों की वृद्धि रही। तमिलनाडू राज्य का सूचकांक 1243 अंकों के साथ सूचकांक तालिका में शिखर पर रहा जबकि हिमाचल प्रदेश राज्य का सूचकांक 814 अंकों के साथ सबसे नीचे रहा।
- ग्रामीण श्रमिकों के लिए 12 राज्यों के सूचकांकों में 1 से 8 अंकों की गिरावट रही तथा 8 राज्यों के सूचकांकों में 1 से 7 अंकों की वृद्धि रही। तमिलनाडू राज्य का सूचकांक 1229 अंकों के साथ सूचकांक तालिका में शिखर पर रहा जबकि बिहार राज्य का सूचकांक 839 अंकों के साथ सबसे नीचे रहा ।
- राज्य स्तर पर, कृषि व ग्रामीण श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांकों में अधिकतम कमी क्रमशः 9 अंको व 8 अंको की तमिलनाडु राज्य द्वारा मुख्यत: ज्वार, प्याज, सब्जियां एवं फल इत्यादि की कीमतों में गिरावट के कारण दर्ज की गई । इसके विपरीत त्रिपुरा राज्य के कृषि एवं ग्रामीण श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांकों में अधिकतम वृद्धि क्रमशः 8 अंको व 7 अंको की मुख्यत: चावल, सरसों का तेल, सब्जियां और फल, मिट्टी का तेल इत्यादि की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण रही ।
- कृषि एवं ग्रामीण श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रा स्फीति की यथार्थ दर माह फ़रवरी, 2021 में 2.67% तथा 2.76% से बढ़ कर माह मार्च, 2021 में 2.78% तथा 2.96% हो गई । खाद्य सूचकांक पर आधारित मुद्रा स्फीति की यथार्थ दर कृषि एवं ग्रामीण श्रमिकों के लिए माह मार्च, 2021 में क्रमश: (+) 1.66% तथा (+) 1.86% के स्तर पर रही ।

- अखिल भारत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सामान्य एवं वर्ग वार)
वर्ग कृषि श्रमिक ग्रामीण श्रमिक फ़रवरी, 2021 मार्च, 2021 फ़रवरी, 2021 मार्च, 2021 सामान्य सूचकांक 1037 1035 1044 1043 खाद्य 982 977 989 984 पान,सुपारी आदि 1781 1790 1793 1802 ईंधन एवं प्रकाश 1110 1111 1104 1106 कपड़े,बिस्तरे व जूते 1037 1046 1054 1062 विविध 1082 1088 1085 1091 

- नवीनतम सूचकांक के बारे में श्रम और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संतोष गंगवार ने कहा, ‘सूचकांक में गिरावट से ग्रामीण क्षेत्रों के लाखों श्रमिकों को लाभ होगा क्योंकि इससे उनके दैनिक बजट पर कम बोझ पड़ेगा।‘
श्रम ब्यूरो के महानिदेशक श्री डीपीएस नेगी ने सूचकांक जारी करते हुए कहा ‘कोविड प्रतिबंधों के बावजूद जारी यह सूचकांक मंत्रालय की उस प्रतिबद्धता को सकारात्मक रूप से दर्शाता है जिसमें हर समय गरीब वर्ग की सेवा जारी रखने का संकल्प है।‘
अप्रैल, 2021 महीने के लिए कृषि मजदूरों और ग्रामीण मजदूरों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 20 मई, 2021 को जारी किया जाएगा।
(साभारः पीआईबी)
संपादिकृतः ठाकुर वरूण कुमार 



