पीएम केयर्स के माध्यम से देशभर में सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 551 पीएसए ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्थापित किए जाएंगे

कोरोना संकट के बीच सरकार का बड़ा ऐलान, देशभर के 551 अस्पतालों में स्थापित  किए जाएंगे ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र | News in Hindi
कोरोना संकट के बीच सरकार का बड़ा ऐलान, देशभर के 551 अस्पतालों में स्थापित किए जाएंगे ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र

नई दिल्लीः अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने के प्रधानमंत्री के निर्देश के तहत, पीएम केयर्स फंड ने देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 551 समर्पित पीएसए (प्रेशर स्विंग ऐड्सॉर्प्शन) चिकित्सा ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों की स्थापना के लिए धन आवंटन को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। पीएम ने निर्देश दिया है कि इन संयंत्रों को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि इन संयंत्रों से जिला स्तर पर ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने में काफी मदद मिलेगी।

ये समर्पित संयंत्र विभिन्न राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में जिला मुख्यालयों पर चिन्हित सरकारी अस्पतालों में स्थापित किए जाएंगे। खरीद प्रक्रिया स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के माध्यम से की जाएगी।

देशभर के सरकारी अस्पतालों में स्थापित किए जाएंगे 551 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र
प्रधानमंत्री केयर्स फंड से लगाए जाएंगे स्वास्थ्य केन्द्रों में 551 ऑक्सीजन संयंत्र

पीएम केयर्स फंड ने इस साल की शुरुआत में देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अतिरिक्त 162 डेडिकेटेड प्रेशर स्विंग ऐड्सॉर्प्शन (पीएसए) मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र लगाने के लिए 201.58 करोड़ रुपये आवंटित किए थे।

551 oxygen plants to be set up from PM Cares fund due to oxygen crisis :  Outlook Hindi
ऑक्सीजन की कमी से अब नहीं थमेंगी सांसें, पीएम केयर फंड से 551 ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाऐंगे

जिला मुख्यालयों के सरकारी अस्पतालों में पीएसए ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को और मजबूत करना है और यह सुनिश्चित करना है कि इनमें से प्रत्येक अस्पतालों में कैप्टिव ऑक्सीजन उत्पादन की सुविधा बनी रहे। इस तरह से अपने स्तर पर ऑक्सीजन उत्पादन सुविधा से इन अस्पतालों और जिले की दिन-प्रतिदिन की मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरतें पूरी हो सकेंगी। इसके अलावा, तरल चिकित्सा ऑक्सीजन (एलएमओ) कैप्टिव ऑक्सीजन उत्पादन के ‘टॉप अप’ के रूप में काम करेगा। इस तरह की प्रणाली यह सुनिश्चित कर सकेगी कि जिले के सरकारी अस्पतालों को ऑक्सीजन की आपूर्ति में अचानक व्यवधान न उत्पन्न हो सके और कोरोना मरीजों व अन्य जरूरतमंद मरीजों के लिए निर्बाध रूप से पर्याप्त ऑक्सीजन मिल सके।

(साभारः पीआईबी)

संपादिकृतः ठाकुर वरूण कुमार  

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