क्षत्रियों का इतिहास ही भारत का गौरवशाली इतिहास–राय साहब सिंह

क्षत्रियों का इतिहास ही भारत का गौरवशाली इतिहास–राय साहब सिंह सोमवंशी
जे टी न्यूज़

पटना : मिथिलांचल की पावन भूमि समस्तीपुर जिले के वारिसनगर प्रखंड के ग्राम-सारी में क्षत्रियों की एक बैठक ठाकुर संग्राम सिंह उर्फ विकास सिंह काकन की अध्यक्षता में हिमगिरी उत्सव पैलेस (विवाह भवन )में आयोजित की गई। क्षत्रिय बैठक का संचालन विजय कुमार सिंह काकन ने किया। क्षत्रिय बैठक के मुख्य अतिथि राय साहब सिंह सोमवंशी प्रकाशक-क्षत्रिय वंशार्णव निवासी जिला-प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश) रहे।
क्षत्रिय बैठक को संबोधित करते हुए राय साहब सिंह सोमवंशी ने कहा कि किसी राष्ट्र जाति अथवा वंश विशेष का इतिहास प्राचीन परंपराओं का दर्पण है जिसमें उसके पूर्वजों की गौरव गाथा और अविस्मरणीय धवल कीर्ति का दर्शन होता है उन्होंने कहा कि जिस देश अथवा जाति का इतिहास गौरवशाली होता है उसकी भावी पीढ़ियों की ऐतिहासिक परंपरा भी उतनी ही महान होगी जितनी कि अर्वाचीन से अब तक क्षत्रियों की है राय साहब सिंह सोमवंशी ने कहा कि विश्व भर के ऐतिहासिक प्रमाण इस बात के साक्षी हैं कि भारत के राजपूत ही विश्व भर में अपने शौर्यशाली इतिहास के धनी हैं। राय साहब सिंह सोमवंशी ने कहा कि भारत का इतिहास ही क्षत्रियों का इतिहास और क्षत्रियों का इतिहास ही भारत का गौरवशाली इतिहास है। राय साहब सिंह सोमवंशी ने कहा कि संसार भर में क्षत्रियों के अतिरिक्त और कोई जाति या वंश नहीं है जिसका इतना क्रमबद्ध इतना प्राचीन और इतना परंपरागत इतिहास लिखा या संजोया जा सका हो।

 

उन्होंने कहा कि यही कारण है कि क्षत्रियों पर विदेशियों द्वारा इतना घोर अत्याचार और भीषण आक्रमण किया जाकर उसे समूल नष्ट करने का सदियों तक अथक प्रयास किया गया किंतु इनका इतिहास होने के कारण इस वीर जाति को पूर्णरूपेण मिटाने में तुर्क और अंग्रेज असफल रहे और यह जाति अपने इतिहास के कारण अब तक जीवित है राय साहब सिंह सोमवंशी ने कहा कि संसार भर में कौन सी ऐसी जाति या वंश है जिस पर इतना भीषण आक्रमण और घोर अत्याचार हुआ हो और फिर भी वह अपना अस्तित्व बचा सकी हो अथवा अपनी परंपरा और मर्यादा की रक्षा करने में सफल रह सकी हो। राय साहब सिंह सोमवंशी ने कहा कि युग – युगीन पुराण और इतिहास हमें बताते हैं की क्षत्रियों का पहले भी पतन हुआ है और यहां तक की इनका अस्तित्व अंतिम कगार तक पहुंच गया था किंतु अपने प्राचीन इतिहास के कारण इन्हें प्रेरणा अस्तित्व दान और नवचेतना तथा नवजीवन मिलता रहा जिससे कालांतर में यह पुनः उत्थान पा गए और अपनी गौरव गाथा को अपने संगठनों द्वारा चरमोन्नति तक पहुंच कर पुनः अपनी कीर्ति पताका को विश्व के सर्वोच्च शिखर पर फहरा दिया अतः इतिहास एक ऐसा जीवन प्रदायक श्रोत और अक्षय भंडारागार हैं जो सदैव ही नव प्राण और प्रेरणा देता रहता है। राय साहब सिंह सोमवंशी ने संपूर्ण भारत वर्ष के क्षत्रियों से संगठित होने तथा मांस मदिरा का सेवन बंद करने एवं भारत सरकार से भारतवर्ष को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की अपील किया।

 


क्षत्रिय बैठक की अध्यक्षता कर रहे संग्राम सिंह काकन ने क्षत्रिय बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व भर के इतिहास हमारे समक्ष यह प्रमाण प्रस्तुत करते हैं कि क्षत्रियों के अतिरिक्त किसी देश या जाति का इतना क्रमबद्ध और परंपरागत युगों -युगों तक का प्राचीन इतिहास नहीं लिखा जा सका जितना कि क्षत्रियों का है उन्होंने कहा कि यही वास्तविकता भी है उन्होंने कहा कि उत्थान और पतन तो सृष्टि का अटूट विधान है जो अमिट है उन्होंने कहा कि उसी तरह क्षत्रिय समाज का भी जब-जब पतन हुआ तब -तब इनमें चेतना आई और इनका उत्थान भी हुआ उन्होंने कहा कि अनैतिहासिक जातियां पतन के बाद उत्थान नहीं प्राप्त कर सकती किंतु गौरवशाली इतिहास होने के कारण ही पतन को उत्थान में बदलने और बार-बार अपनी परंपरा की रक्षा करके क्षत्रियों ने मर्यादा स्थापित कर दिया।

उन्होंने संपूर्ण भारत वर्ष के क्षत्रियों से संगठित होने तथा मांस मदिरा का सेवन बंद करने की अपील किया। इस अवसर पर कृष्ण कुमार सिंह काकन, ललन सिंह काकन, दीपक कुमार सिंह काकन, सुनील कुमार सिंह , सुरेंद्र नारायण सिंह काकन , प्रवीण कुमार सिंह काकन , विनय कुमार सिंह काकन , विजय कुमार सिंह काकन, हेमंत कुमार सिंह , दिनेश्वर सिंह (सुमन ) , डॉ प्रोफ़ेसर कृष्ण किशोर सिंह काकन आदि कई लोग उपस्थित रहे।

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