* कैब/ एमआरसी के खिलाफ 19 दिसंबर बिहार बंद को लेकर माले का कैडर कंवेंशन संपन्न

🔊 Listen This News * 18 दिसंबर को हास्पिटल चौक से 4 बजे से मशाल जुलूस- सुरेंद्र * गांव-टोला बैठक कर लोगों को कैब-एनआरसी का दुष्परिणाम बतायेंगे माले कार्यकर्ता- आशिफ ताजपुर 15 दिसंबर 2019 काले कानून कैब-एनआरसी को वापस लेने की मांग पर 19 दिसंबर को भाकपा माले समेत अन्य वामपंथी पार्टी द्वारा अन्य समाजवादी […]

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* 18 दिसंबर को हास्पिटल चौक से 4 बजे से मशाल जुलूस- सुरेंद्र
* गांव-टोला बैठक कर लोगों को कैब-एनआरसी का दुष्परिणाम बतायेंगे माले कार्यकर्ता- आशिफ
ताजपुर 15 दिसंबर 2019
काले कानून कैब-एनआरसी को वापस लेने की मांग पर 19 दिसंबर को भाकपा माले समेत अन्य वामपंथी पार्टी द्वारा अन्य समाजवादी एवं लोकतांत्रिक दलों के सहयोग सेआहूत बिहार बंद की सफलता को लेकर रविवार को मोतीपुर खैनी गोदाम पर प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में भाकपा माले का प्रखंड स्तरीय कैडर कन्वेंशन संपन्न हुआ। कैडर कन्वेंशन से 18 दिसंबर को 4 बजे शाम से हॉस्पिटल चौक ताजपुर से मशाल जुलूस निकालने, बिहार बंद का टेंपो प्रचार कराने का निर्णय भी लिया गया। इससे पूर्व जनसंपर्क अभियान, नुक्कड़ सभा, जीबी बैठक आदि के माध्यम से लोगों को जागरूक करने एवं 19 दिसंबर को 7 बजे सुबह से हॉस्पिटल चौक से बंदी जुलूस निकालने समेत अन्य निर्णय लिया गया। कैडर कन्वेंशन से बेटियों की सुरक्षा के लिए आंदोलन तेज करने एवं जल-जीवन- हरियाली योजना के आड़ में दलित- भूमिहीनों को पोखरा से हटाने की सरकार की नीति की निंदा की गई एवं बगैर वैकल्पिक व्यवस्था के पोखर के भिंड से नहीं हटने का निर्णय लिया गया। कैडर कन्वेंशन को संबोधित करने वालों में मुख्य इनौस जिला सचिव आसिफ होदा, किसान नेता ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, इनौस के अध्यक्ष रामकुमार,राजदेव प्रसाद सिंह, संजय शर्मा, अरशद कमाल बबलू, मोहम्मद एजाज, संजीव कुमार राय, संजीव कुमार, मोती लाल सिंह, समेत आन्य दर्जनों कार्यकर्ता थे।

कैडर कन्वेंशन में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर कैब- एनआरसी के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर केंद्र की मोदी- शाह सरकार से इसे वापस लेने की मांग की गई। भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि एनआरसी जनविरोधी है। इससे मुस्लिम हीं नहीं, दलित- गरीब- भूमिहीन,एससी- एसटी, ओबीसी समेत सभी वर्ग के लोग प्रभावित होंगे। सरकार इसे अविलंब वापस ले अन्यथा भाकपा माले, आइसा, इनौस, ऐपवा, किसान महासभा, ऐक्टू, खेग्रामस, इंसाफ मंच, भगत सिंह युवा ब्रिगेड इत्यादि के सहयोग से और भी बड़े आंदोलन की शुरुआत करेगी।

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