राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है का. मनोज मंजिल सहित 23 लोगों को आजीवन कारावास की सजा
राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है का. मनोज मंजिल सहित 23 लोगों को आजीवन कारावास की सजा
14 फरवरी को माले ने किया राज्यव्यापी विरोध दिवस
दमन व जेल के जरिए दलित-गरीबों की आवाज दबाई नहीं जा सकती

जे टी न्यूज, मधेपुरा:-सत्ता बदलते ही गरीबों, दलितो व सामाजिक न्याय के मुखर आवाज माले के युवा विधायक मनोज मंजिल पर सत्ता पक्ष का दूसरा बड़ा हमला। माले विधायक मनोज मंजिल भाजपाई साजिश के शिकार। दमन व जेल के जरिए दलित गरीबों की आवाज को दबाई नहीं जा सकती। राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है कामरेड मनोज मंजिल सहित 23 लोगों को आजीवन करवा की सजा दुर्भाग्यपूर्ण दमन वी जेल के जरिए गरीबों की आवाज दबाई नहीं जा सकती। आज मधेपुरा जिला में भाकपा माले ने आर व्यवहार न्यायालय द्वारा अभियानों से माले विधायक कामरेड मनोज मंजिल सहित 23 लोगों को आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ प्रतिवाद मार्च निकाला गया मार्च का नेतृत्व मधेपुरा जिला सचिव कामरेड रामचंद्र दास ने की तथा कॉलेज चौक पर सभा की गई।

सभा को संबोधित करते हुए माले नेता सह किसान नेता का. शंभू शरण भारतीय ने कहा कि सामंती ताकतों द्वारा एक सोची समझी साजिश के तहत विधानसभा चुनाव 2015 के ठीक पहले जेपी सिंह की हत्या कांड मामले में भाजपा के स्थानीय नेताओं के इशारे पर कामरेड मनोज मंजिल सहित हमारे अन्य पार्टी नेताओं पर हत्या का झूठा मुकदमा ठोक दिया गया था। उस घटना के कुछ दिन पहले ही हमारे पार्टी के स्थानीय नेता कामरेड सतीश यादव की हत्या भाजपाइयों ने कर दी थी उनके हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं लेकिन दलित, गरीबों की लड़ाई लड़ने और सड़क पर स्कूल आंदोलन के चर्चित नेता कामरेड मनोज मंजिल को एक गहरी साजिश के तहत फसाकर कर सजा करवा दी गई। भाजपाई और इलाके की सामंती ताकत मनोज मंजिल की बढ़ती लोकप्रियता से काफी घबराई हुई थी। एक तरफ जहां हमारे नेताओं को सजा सुनाई गई वहीं न्यायालय ने दलित गरीबों के हत्यारों को लगातार बरी करने का काम किया है। बिहार में सत्ता बदलते ही भाजपाई अपने रंग में आ चुके हैं, लेकिन उनके नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। आइसा राष्ट्रीय परिषद सदस्य सह आइसा विश्वविद्यालय अध्यक्ष अरमान अली ने कहा बिहार के इस डबल इंजन एनडीए की सरकार अब विपक्ष के नेताओं को गिन गिन कर बदला ले रही है एवं गरीब, शोषित, वंचित, पिछड़ों को दबाने की अथक प्रयास कर रही है। आर वाई ए जिला संयोजक कृष्ण कुमार ने कहा वर्तमान सरकार अब जेल और दमन के सहारे नौजवान, दलितों, गरीबों की आवाज को खामोश करना चाहती है इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आज 14 फरवरी को भाकपा माले, आइसा, आर वाई ए ने इस अन्यायपूर्ण फैसले के खिलाफ मधेपुरा में विरोध दिवस मनाया। विरोध दिवस में शामिल माले जिला सचिव रामचन्द्र दास, माले नेता सह किसान नेता शंभू शरण भारतीय, राष्ट्रीय परिषद सदस्य सह आइसा विश्वविद्यालय अध्यक्ष अरमान अली, आर वाई ए जिला संयोजक कृष्ण कुमार, माले नेता का. सीताराम रजक, सजदा खातून, चंदेश्वरी मंडल, एजाज अख्तर, बिट्टू रावण, उमेश मल्लिक, किरण देवी एवं अन्य साथी मौजूद थे।


