बलात्कारियों को संरक्षण देना बंद कर हड़ताल समाप्त कराये सरकार – डाॅ सीता
बलात्कारियों को संरक्षण देना बंद कर हड़ताल समाप्त कराये सरकार – डाॅ सीता

जे टी न्यूज, समस्तीपुर/नई दिल्ली:: देश में हत्या बलात्कार इजाजत किसी को नहीं है। इस तरह की कोई भी घटना घटती है तो ऐसे हर घटना के पीछे किसी रसूखदार आदमी का हाथ होता है और बड़े पैमाने पर केन्द्र सरकार के विपक्ष वाली राज्य सरकार को बदनाम करने की साजिश की जाती है। अप्पन पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डाॅ सीता कुमारी ने गुरुवार को केन्द्र सरकार को आडे हाथ लेते हुए उक्त बातें कही। उन्होंने मीडिया हाउस को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि भारत की मीडिया बंगाल में डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के जघन्य मामले में चीख चीख कर चिल्लाए जा रही है, जबकि इससे बड़ी घटना मणिपुर में घटी थी। महीनों तक मणीपुर जलता रहा था मगर तमाम मीडिया हाउस ने इस मामले में आश्चर्यजनक खामोशी ओढ ली थी। क्योंकि मणीपुर में कथित डबल इंजन वाली सरकार थी। कठुआ कांड अभी भी देश भूला नहीं है, इस मामले में भी राज्य सरकार को किसी भी मीडिया हाउस ने आरोप लगाने का दुस्साहस नहीं दिखाया था। क्योंकि वहां भी डबल इंजन वाली सरकार है। बिलकिस बानो काण्ड के सभी ग्यारह आरोपियों को रिहा करने के मामले को भी मीडिया हाउसों ने अपेक्षित प्रमुखता देने की जरुरत नहीं समझी। न तो बिलकिस के अपराधियों के विजेताओं की तरह स्वागत करने के मामले को अपेक्षित सुर्खी दी गयी, न ही राज्य सरकार को आरोपित किया गया। बंगाल का मामला सुर्खियों मे जगह सिर्फ इसलिए पा सका कि वहां वर्तमान में एनडीए विरोधी टीएमसी की सरकार है। सनद रहे कि टी एमसी कभी एनडीए की हिस्सा हुआ करती थी। फिलहाल प्रशिक्षु चिकित्सक के बलात्कार और हत्याकांड को लेकर पूरे देश के चिकित्सक हड़ताल पर हैं जिससे देश की चिकित्सा व्यस्था ध्वस्त है। बीमार तड़प रहे हैं, मर रहे हैं और सरकार बंगाल की टीएमसी सरकार पर आरोप-प्रत्यारोप मढने में व्यस्त है। डाॅ सीता ने कहा कि यह हड़ताल केंद्र सरकार के संरक्षण में देश की जनता को मौत के मुंह में धकेलेने की दिशा में चल रही है साजिश प्रतीत होती है। सरकार को चाहिए कि आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त करते हुए धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों से बात करे और हड़ताल समाप्त कराए।

