आंदोलन तेज करने की घोषणा के साथ शिक्षाकर्मियों की पांच दिवसीय धरना स्थगित

आंदोलन तेज करने की घोषणा के साथ शिक्षाकर्मियों की पांच दिवसीय धरना स्थगितजे टी न्यूज, पटना :
बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ (फैक्टनेब) के आह्वान पर 10 फरवरी से शुरू हुए धरना प्रदर्शन को आज (14 फरवरी 2025) पांचवे दिन स्थगित कर दिया गया। हालांकि, महासंघ ने यह स्पष्ट किया है कि यदि राज्य सरकार ने उनकी चार सूत्री मांगों का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। शुक्रवार के धरने का मुख्य उद्देश्य परीक्षा परिणाम आधारित अनुदान राशि के बदले प्रतिमाह वेतन भुगतान, बकाया अनुदान राशि का एकमुश्त भुगतान और शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य परिस्थितियों की व्यवस्था सुनिश्चित करना था। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार इन मांगों को न माने तो वे जेल भरो अभियान शुरू करेंगे। धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कोशी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद डॉ. संजीव कुमार सिंह ने कहा कि सरकार को अनुदान के बदले प्रतिमाह वेतन भुगतान की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने आंदोलनकारियों का समर्थन करते हुए कहा, “आप सही समय पर अपना आंदोलन कर रहे हैं, और हम इसे सड़क से सदन तक पहुंचाने का हर प्रयास करेंगे। हम आपके संघर्ष में पूरी तरह से आपके साथ हैं।” धरने में शामिल मगध विश्वविद्यालय बोधगया और तिलका मांझी विश्वविद्यालय भागलपुर के सैकड़ों शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों ने भी अपने अधिकारों के लिए जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर रोष व्यक्त किया। धरना प्रदर्शन का नेतृत्व डॉ. पितृ कुमार (उपाध्यक्ष, फैक्टनेब, मगध विश्वविद्यालय) और डॉ. राजेश कुमार मिश्रा (तिलका मांझी विश्वविद्यालय, भागलपुर) ने किया। महासंघ के मीडिया प्रभारी प्रो. अरुण गौतम ने बताया कि इस धरने के बाद फैक्टनेब ने अपना आंदोलन और तेज करने का संकल्प लिया है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में आंदोलन की अगली कड़ी में विधान मंडल और विधान पार्षदों के निवास का घेराव, जेल भरो अभियान, सामूहिक उपवास और आमरण अनशन जैसी योजनाएं बनाई गई हैं। इन कदमों का उद्देश्य राज्य सरकार पर दबाव बनाना है ताकि शिक्षाकर्मियों की मांगों पर जल्द समाधान हो। धरना स्थल पर सभा को डॉ. शंभुनाथ प्रसाद सिन्हा (महासंघ के अध्यक्ष), प्रो. राजीव रंजन (महासचिव, फैक्टनेब), डॉ. कुमार राकेश कानन, डॉ. दीपक कुमार सिंह, डॉ. विरेन्द्र सिंह, प्रो. राम विनय प्रसाद सिंह, डॉ. चन्द्र भुषण कुमार, सत्येन्द्र कुमार, डॉ. नवल किशोर प्रसाद सिंह, डॉ. राजेश कुमार मिश्रा, डॉ. राम भवन शर्मा सहित कई प्रमुख नेताओं ने संबोधित किया। इस धरने और आंदोलन में सभी नेताओं ने सरकार से शिक्षाकर्मियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और उनके लिए स्थिर वेतन व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की। इन नेताओं का कहना था कि आंदोलन का उद्देश्य शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों की न्यायपूर्ण मांगों को लेकर राज्य सरकार तक उनकी आवाज पहुंचाना है। महासंघ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा और किसी भी प्रकार की हिंसा से बचने की कोशिश की जाएगी। लेकिन अगर सरकार ने समय रहते समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन और तेज होगा। समाप्ति के साथ, महासंघ ने घोषणा की है कि शीघ्र ही आंदोलन के अगले चरण की विधिवत घोषणा की जाएगी। इस बीच, फैक्टनेब के नेताओं ने सभी शिक्षकों और कर्मचारियों से एकजुट होकर आंदोलन में भाग लेने की अपील की, ताकि उनकी आवाज और मजबूत हो सके।

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