प्रेरणा (जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा) पटना का दो दिवसीय नाट्य समारोह सम्पन्न
प्रेरणा (जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा) पटना का दो दिवसीय नाट्य समारोह सम्पन्न
जे टी न्यूज, पटना: प्रेरणा (जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा) पटना द्वारा दिनांक 1 और 2 मार्च,2025 को पटना के हाउस ऑफ वेराइटी में थर्ड थियेटर के प्रणेता बादल सरकार लिखित नाटक तीसवी शताब्दी का सफल मंचन किया गया। युद्ध की विभीषिका को उजागर करता यह नाटक मौजूदा समय में नस्ली प्रभुता,बाजार पर आधिपत्य और भौगोलिक विस्तार के लिए दुनिया में चल रहे युद्धों को मानव विरोधी घोषित करते हुए इसकी आलोचना प्रस्तुत करती है।द्वितीय विश्वयुद्ध के समय अमेरिका द्वारा जापान के शहरों हिरोशिमा और नागासाकी पर गिराए गए एटम बम और उसकी विभीषिका को उजागर करता यह नाटक,उस भयावह कारवाई में प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़े लोगों को जनता की अदालत में पेश करता है,उनकी गवाही लेता है। वास्तव में यह नाटक तमाम तरह के युद्ध को ख़ारिज करते हुए शांति के पक्ष में खड़ा होता है। नाटक में एक पात्र के रूप में मंच पर हाजिर किए गए अल्बर्ट आइंस्टीन का यह वक्तव्य ” अगर मुझे यह एहसास होता कि मेरे वैज्ञानिक खोज को आधार बनाकर इतना बड़ा रक्तपात और विध्वंश किया जाएगा तो मैं ऐसे खोज से बेहतर मिस्त्री बनना पसंद करता ” नाटक के शांति पक्षीय संदेश को मजबूती से सामने लाता है।नाटक एक साथ कई सवाल खड़ा करता है,अगर आण्विक हथियारों के निर्माण का सिलसिला यूं ही चलता रहा तो तीसवीं शताब्दी कभी आ ही नहीं पाएगी। नाटक विज्ञान को विध्वंशकारी टूल बनाने की जगह उसे मानव जीवन और समाज को सभ्य और संतुलित बनाने वाली सहयोगी डिवाइस बनाए रखने की अपील करता है। कथानक के अनुकूल मंच सज्जा, वस्त्र विन्यास और संगीत संयोजन रहा। मंच पर सोनू कुमार, विशाल कुमार,साहिबा मल्लिक,राहुल कुमार, जीशान फ़ज़ल,अमरेंद्र कुमार,शिवदत्त सक्सेना और राकेश रंजन ने अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों को अंत अंत तक प्रस्तुति से जोड़े रखा और कथानक को दर्शक श्रोता तक पहुंचाने में सफल रहे।इस दो दिवसीय नाट्य प्रस्तुति में संगीत संयोजन आदर्श राज प्यासा ने, कॉस्टयूम डिजाइन ज़ैबून निशा ने, प्रॉपर्टी संयोजन रेखा कुमारी ने और मंच सज्जा संयोजन पवन कुमार ने किया । प्रकाश परिकल्पना और निर्देशन राकेश रंजन का था तो प्रस्तुति व्यवस्था और नियंत्रण का काम प्रेरणा ( जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा) के सचिव हसन इमाम ने किया।

