केसरिया का विकास माडल बना चचरी का पूल
केसरिया का विकास माडल बना चचरी का पूल
जे टी न्यूज़, केसरिया/पू०च० : भारत में जहां एक तरफ बुलेट ट्रेन दौड रही है बड़े बड़े स्प्रेसवे बन रही है वहीं केसरिया के पिछड़ेपन का आलम यह है कि आज भी लोग चचरी के पुल से नदी पार करने पर विवस एवं लाचार है।जिस केसरिया में विश्व के लाखों पर्यटक प्रत्येक वर्ष विश्व के सबसे उच्चा बौद्ध स्तुप देखने आते हैं उनको को आकर्षित करने के लिए सरकार लाखों करोड़ों खर्च कर रही है प्रत्येक वर्ष महोत्सव कर के क्षेत्र के समस्या सुनी जाती है मगर चिराग तले अंधेरा। अंग्रेज के जमाने से लोग चचरी पुल के सहारे हजारों परिवार दैनिक कार्य करते आ रहे हैं ।कहने को तो क्षेत्र में विकास ढिंढोरा पिटा जा रहा है मगर विकास का माडल चचरी का पुल बन चुका है हलाकि चुनाव के समय सभी नेता पुल बनाने का वादा करता है मगर चुनाव खत्म वादा समाप्त, सभी दल ,पाटी के एम पी , विधायको से लोग निराश हो चुके हैं।
ईस पुल से गीर कर कई लौगो का जान जा चुका है माल बकरी डुबकर मर चुकी है। रघवा नदी पर मात्र केसरिया में एक पुल है।जो दुर्भाग्य कि बात है ।हालांकि वर्तमान एवं पुर्व विधायक ने ईस पुल का मांग विधानसभा में उठा चुके हैं मगर अभी तक कोई काम नहीं हुआ है।
