वन विभाग सुपौल के संयुक्त तत्वाधान में पौधारोपण सह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

वन विभाग सुपौल के संयुक्त तत्वाधान में पौधारोपण सह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित जे टी न्यूज, सुपौल : विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष में सुपौल एलुमनी एसोसिएशन ऑफ नवोदयन (सान) एवं वन विभाग सुपौल के संयुक्त तत्वाधान में जवाहर नवोदय विद्यालय, सुपौल परिसर में पौधारोपण सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर विश्व में प्लास्टिक प्रदूषण समाप्त करने के मुद्दे पर लोगों को प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्परिणामों की जानकारी एवं प्लास्टिक के एकल उपयोग पर प्रतिबंध का दृढ़ता से पालन करने को लेकर जागरूक किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जिला वन पदाधिकारी प्रतीक आनंद, उप प्राचार्य अजय प्रसाद, एसोसिएशन के सचिव गुणसागर साहू एवं उपाध्यक्ष शशांक राज के द्वारा संयुक्त रूप से पौधारोपण कर किया गया ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के सचिव गुणसागर साहू ने कहा कि आज का दिन हमें यह याद दिलाने के लिए है कि पर्यावरण की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। हमारे आसपास का हर पेड़, पशु, पानी और हवा सब मिलकर पर्यावरण बनाते हैं। आज पृथ्वी पर प्रदूषण, वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। अगर हम इन मुद्दों को नजरअंदाज करते हैं तो हमारा भविष्य संकट में पड़ सकता है। हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए कैसी दुनिया छोड़कर जा रहे हैं। अगर हम आज से छोटे छोटे कदम उठाएं तो आने वाला कल बेहतर और साफ सुथरा हो सकता है। विश्व में प्लास्टिक प्रदूषण समाप्त करने (Beat Plastic Pollution) को लेकर एसोसिएशन द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसका मकसद लोगों को यह समझाना है कि प्लास्टिक का इस्तेमाल कम से कम करें और पर्यावरण को होने वाली क्षति से बचाएं।
वहीं जिला वन पदाधिकारी प्रतीक आनंद ने सभी लोगों से वृक्षारोपण कार्यक्रम में जुडने का आह्वान करते हुए कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण आज के समय में एक गंभीर वैश्विक समस्या बन चुका है, जो न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रहा है बल्कि मानव जीवन, वन्यजीवों और समुद्री जीवों के लिए भी घातक सिद्ध हो रहा है। प्लास्टिक एक ऐसा कृत्रिम पदार्थ है जो प्राकृतिक रूप से बहुत धीमी गति से विघटित होता है। इसका अत्यधिक और अनियंत्रित उपयोग, विशेष रूप से एकल-प्रयोग (single-use) प्लास्टिक, जैसे कि थैलियाँ, बोतलें, स्ट्रॉ, और पैकेजिंग सामग्री, हमारे चारों ओर कचरे के रूप में इकट्ठा हो जाता है। यह मिट्टी की उर्वरता को घटाता है और जल स्रोतों को प्रदूषित करता है। समुद्री जीव अक्सर प्लास्टिक को भोजन समझकर खा लेते हैं, जिससे उनकी मृत्यु हो जाती है। इसके अलावा, जब प्लास्टिक छोटे-छोटे टुकड़ों (माइक्रोप्लास्टिक) में टूट जाता है, तो वह जल और खाद्य श्रृंखला के माध्यम से मानव शरीर में प्रवेश कर सकता है और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न कर सकता है, जैसे हार्मोन असंतुलन, कैंसर और पाचन तंत्र की परेशानियाँ। प्लास्टिक जलाने पर यह वायुमंडल को भी प्रदूषित करता है और विषैली गैसें छोड़ता है। “Plastic man of India” राजगोपालन वासुदेवन के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कैसे प्लास्टिक कचरे को रोड के निर्माण में इस्तेमाल किया गया। इस संकट से निपटने के लिए हमें ‘तीन आर’ (Reduce, Reuse, Recycle) के सिद्धांतों का पालन करना चाहिए। साथ ही, सरकारों को सख्त कानून बनाकर प्लास्टिक के उत्पादन और उपयोग पर नियंत्रण लगाना चाहिए। आम लोगों को भी जागरूक होकर कपड़े या जूट की थैलियों का उपयोग करना चाहिए और प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनानी चाहिए। प्लास्टिक कचरे के संग्रहण, निष्पादन एवं प्लास्टिक के उपयोग की जगह इसके सतत् विकल्पों के ऊपर ध्यान देने एवं इसके प्रति जन जागरुकता फैलानी चाहिए। इस मौके पर श्री आनंद ने वन महोत्सव को धूमधाम से मनाने तथा उस मौके पर विद्यालय के छात्र छात्राओं के बीच विभिन्न प्रतियोगिता के आयोजन करने की भी बात कही।
एलुमनी एसोसिएशन के उपाध्यक्ष शशांक राज ने कहा कि पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए वृक्षारोपण अत्यंत ही आवश्यक है। वृक्षारोपण कार्यक्रम आज के परिवेश में जन आंदोलन बनाने की जरूरत है। जितनी ज्यादा हरियाली होगी, उतना ही अधिक स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण तैयार होगा। पेड़ मनुष्य के सबसे अच्छे दोस्त होते हैं। यदि पेड़ नहीं होते तो धरती पर जीवन ही नहीं होता। वृ़क्षों से बहुत सी जीवन उपयोगी वस्तुएं मिलती है। वृक्षों से ही पर्यावरण का निर्माण होता है। हम सभी को प्रत्येक विशेष अवसर पर एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए तथा अपने परिचित को उपहार स्वरूप एक पौधा जरूर भेंट करें।
कार्यक्रम के अंत में नवोदय विद्यालय के उप प्राचार्य अजय प्रसाद ने इस तरह के कार्यक्रम का लगातार आयोजन करने के लिए एलुमनी एसोसिएशन एवं वन विभाग को धन्यवाद दिया तथा आगे भी इस तरह का कार्यक्रम आयोजन हो इसके लिए सभी से आग्रह भी किया। बताते चलें कि सुपौल एलुमनी एसोसिएशन ऑफ नवोदयन (SAAN) द्वारा प्रतिवर्ष 5 जून से 15 अगस्त तक सुपौल जिला एवं उसके आसपास के जिलों में यह कार्यक्रम जोर शोर से चलाया जाता रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से एलुमिनी एसोसिएशन से सुजीत पाठक, अमित आनंद, मो० नसीम, राहुल कुमार, अजीत कुमार, नवोदय विद्यालय के वरीय शिक्षक डॉ उमाशंकर, यूडीसी शिवशंकर, एलडीसी अंकित कुमार, वन विभाग से वन क्षेत्र पदाधिकारी श्रीमान मालाकार ,वन परिसर पदाधिकारी अंजली कुमारी, नेहा राज, वनरक्षी चंदन कुमार, पप्पू कुमार, सौरभ कुमार, रितेश कुमार, रूपांजली कुमारी, रूपम कुमारी, नीतू कुमारी, वनकर्मी राघवेंद्र कुमार, शिवचंद्र सादा आदि कई अन्य गण मन उपस्थित रहे।

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