संयुक्त छात्र संगठन ने विश्वविद्यालय बचाओ शिक्षा बचाओ संघर्ष का किया ऐलान
बीएनएमयू में अराजकता चरम पर ,संघर्ष एकमात्र विकल्प
संयुक्त छात्र संगठन ने विश्वविद्यालय बचाओ शिक्षा बचाओ संघर्ष का किया ऐलान / बीएनएमयू में अराजकता चरम पर ,संघर्ष एकमात्र विकल्प
जे टी न्यूज, मधेपुरा: भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में व्याप्त कुव्यवस्था,अराजकता को लेकर छात्र संगठनों की नाराजगी अब खुल कर संघर्ष का रूप ले रही है।छात्रनेता का साफ शब्दों में कहना है कि इस क्षेत्र सबसे बड़ी धरोहर विश्वविद्यालय को क्षेत्र के शैक्षणिक उत्थान और विकास का केंद्र बनाने के बजाय विवाद का केंद्र बना कर रख दिया गया है जिसे बर्दास्त नहीं किया जा सकता।विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर मंगलवार को रासबिहारी मैदान के समीप संयुक्त छात्र संगठन की एक अहम बैठक आयोजित कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 
बीसीए रिजल्ट गड़बड़ी को लेकर हुआ अनशन रहा प्रभावकारी
बैठक में सर्वप्रथम विगत दिनों भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय मुख्य द्वार पर किए गए अनशन और आंदोलन की समीक्षा की गई जिसमें सभी छात्र नेताओं ने एक स्वर में कहा कि यह आंदोलन प्रभावकारी रहा जिससे विश्वविद्यालय के बेबुनियाद आरोप और रिजल्ट गड़बड़ी की बात साबित हुई और विश्वविद्यालय प्रशासन ने यथाशीघ्र पहल की घोषणा की।अनशन को पूर्णिया सांसद पप्पू यादव,कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुपम जी आदि का मिला समर्थन अहम रहा ।संयुक्त छात्र संगठन ने उनका आभार जताया।
शैक्षणिक अराजकता को ले तीनों जिलों में होगा संपर्क,संवाद और संघर्ष
बैठक में मुख्य रूप से कभी के सात जिलों में फैले विश्वविद्यालय के तीन जिलों में सिमटने के बाद भी व्याप्त शैक्षणिक अराजकता और मूलभूत सुविधाओं के अभाव की भर्त्सना करते हुए ध्वनिमत से निर्णय लिया गया कि तीनों जिलों में संपर्क,संवाद और संघर्ष की मुहिम चलाई जाएगी।इसके अंतर्गत सभी कॉलेजों,पीजी विभागों,हॉस्टल,लॉज,लाइब्रेरी का भ्रमण कर छात्र छात्राओं से उनकी समस्याओं को संग्रहित किया जाएगा वहीं स्थानीय स्तर पर विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों सहित बुद्धजीवियों से संपर्क साध बीएनएमयू बचाने के संघर्ष में साथ आने की अपील की जाएगी।
विश्वविद्यालय एवं जनहित के मुद्दों पर जिला प्रशासन से होगी सहयोग की अपील
बैठक में छात्र नेताओं ने कहा कि अक्सर विश्वविद्यालय अपनी अराजकता और कुव्यवस्था के खिलाफ जारी आंदोलनों में जिला और पुलिस प्रशासन को गुमराह करती है और उल्टे सीधे आरोप लगाती रहती है और कभी कभी कैरियर खराब करने,डिग्री रद्द करने जैसी धमकी भी देती है इसलिए संयुक्त छात्र संगठन विश्वविद्यालय में व्याप्त शैक्षणिक अराजकता,कुव्यवस्था,पदाधिकारियों की मनमानी सहित डोमिसाइल एवं स्थानीय जनहित के मुद्दों पर जिला और पुलिस प्रशासन से संपर्क कर वस्तु स्थिति से अवगत कराते हुए पहल की मांग करेगा।
पन्द्रह जून से संघर्ष का आगाज,नौ अगस्त को विश्वविद्यालय मुख्यालय पर विशाल प्रदर्शन
संयुक्त छात्र संगठन की बैठक में सर्वसम्मति से आंदोलन की फाइनल रूपरेखा तय की गई।जिसमें निर्धारित किया गया कि पंद्रह जून को विश्वविद्यालय बचाओ शिक्षा बचाओ संघर्ष की शुरुआत मधेपुरा से की जाएगी वहीं नौ अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय मुख्यालय पर विशाल प्रदर्शन आयोजित की जाएगी।इस दौरान मधेपुरा से शुरू आंदोलन सहरसा और सुपौल होते हुए विश्वविद्यालय मुख्यालय पर विशाल प्रदर्शन के साथ समाप्त होगी। छात्र नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन निर्णायक होगी जो भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय की बेपटरी हुई व्यवस्था को सुधारने का काम करेगी बैठक में मुख्य रूप से युवा नेता डॉ हर्षवर्धन सिंह राठौड़, एनएसयूआई के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक मनीष कुमार, युवा शक्ति नेता सौरव यादव, आइसा के विश्वविद्यालय अध्यक्ष अरमान अली, भीम आर्मी के विश्वविद्यालय अध्यक्ष बिट्टू रावण, युवा कांग्रेस नेता निरंजन यादव मौजूद थे |

