टीएमबीयू के विभाग के साथ साथ कॉलेज खुले, पहुंचे यहां के शिक्षक

भागलपुर प्रतिनिधि: टीएमबीयू अंतर्गत सभी कॉलेज 36 दिनों के बाद खुले। कुलपति के आदेश के बाद पीजी विभाग और विभिन्न कॉलेजों में शिक्षक और कर्मियों की आवाजाही दिखी।
हालांकि कोरोना का असर विभाग और कॉलेजों में साफ-तौर पर दिखा। कॉलेज का गेट तो खुला लेकिन किसी भी तरह का काम नहीं हो पाया। कॉलेज व पीजी विभाग पहुंचे शिक्षक और कर्मी बुलाये जाने का विरोध किया।

दिनभर प्रशासनिक भवन से लेकर कॉलेजों के कर्मी सिर्फ कोरोना पर ही चर्चा करते दिखे। वहीं प्रशासनिक भवन के विभिन्न विभागों में कर्मी दिखे। टीएमबीयू में 22 मार्च से पीजी विभाग और कॉलेज बंद होने की वजह से ताला लगा हुआ था।

मंगलवार को टीएनबी कॉलेज, मारवाड़ी कॉलेज, एसएम कॉलेज, बीएन कॉलेज खुला। कुछ कॉलेजों में शिक्षकों ने कॉलेज आने का विरोध भी किया जबकि पीजी विभागों में शिक्षक आए थे जबकि कुछ विभागों का ताला कर्मियों के नहीं आने की वजह से नहीं खुल पाया।

एमबीए विभाग, गांधी विचार विभाग में विभागाध्यक्ष और कर्मी पहुंचे थे। एमबीए विभाग के निदेशक प्रो. पवन पोद्दार ने कहा कि विभाग आकर अच्छा लगा। मगर बंदी की वजह से रास्ते में काफी परेशानी होती है। एक कर्मी ने बताया कि बरारी से विश्वविद्यालय आने में सौ रुपए लग गए।

लॉकडाउन के दौरान आना संभव नहीं है। कहीं शिक्षक कम तो कहीं कर्मी का पता नहीं मारवाड़ी कॉलेज में कर्मचारी लगभग आए हुए थे। शिक्षकों की संख्या काफी कम थी। एसएम कॉलेज में शिक्षकों ने लॉकडाउन में आने का विरोध किया।

शिक्षक संघ की उपाध्यक्ष डॉ. आशा ओझा ने कहा कि शिक्षकों को बुलाने का कोई मतलब नहीं है। इससे एक तरफ ऑनलाइन कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं तो दूसरी ओर कोरोना का खतरा बना हुआ है। सामाजिक दूरी का पालन नहीं होगा। हालांकि एसएम कॉलेज में कम ही शिक्षक और कर्मी पहुंचे थे।

प्राचार्या डॉ. अर्चना ठाकुर ने कहा कि शिक्षक व कर्मियों को कॉलेज खुलने की सूचना भेज दी गयी थी। टीएनबी कॉलेज, बीएन कॉलेज में भी कमोबेश यही हाल था। पीजी विभागों में शिक्षक और कर्मी दिखे।

वहीं कई पीजी विभागों में तो कर्मचारी के नहीं आने से सारा कार्य प्रभावित रहा। साफ-सफाई और गार्डेन तक दिखे कर्मीप्रशासनिक भवन से लेकर पीजी और विभिन्न कॉलेज के गार्डेन की साफ-सफाई करते ही कर्मी अधिक दिखे क्योंकि हर जगह गार्डेन में जंगल ही जंगल निकल आया था।

Related Articles

Back to top button