रामलीला मैदान से उठी आवाज* नहीं चाहिये जन विरोधी सरकारP
रामलीला मैदान से उठी आवाज*
नहीं चाहिये जन विरोधी सरकार

जे टी न्यूज, दिल्ली(मदन मोहन): भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) द्वारा दिल्ली रामलीला मैदान में आयोजित जन आक्रोश महारैली ऐतिहासिक रूप से सफल रहा।पार्टी की बिहार राज्य सचिव मंडल सदस्य प्रभुराज नारायण राव ने बताया कि यह महारैली मुख्य रूप से उत्तर भारत के हिंदी भाषी राज्यों की रैली थी ।इस रैली को संबोधित करते हुए पार्टी के महासचिव का. एम ए बेबी ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के चलते देश गंभीर संकट से गुजर रहा है। किसानों की हालत बदतर होती जा रही है ।उनका कमर तोड़ने का काम मोदी सरकार कर रही है। वादा करके भी अभी तक न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा नहीं दिया गया ।कर्ज की बोझ से दबे किसान आत्महत्या कर रहे हैं। देश के मजदूरों के सारे जनतांत्रिक अधिकार छीन लिए गए। 44 श्रम संहिता को समाप्त करके 4 श्रम संहिता बनाकर मजदूरों को गुलाम बनाने और 8 घंटा काम के बदले 12 घंटा काम करने की योजना बनाई जा रही है। इस तरीके से एक बार फिर मजदूरों को गुलाम बनाया जा रहा है।

महिलाओं की दशा अत्यंत ही खराब है ।उनके बारे में कोई ना तो स्पष्ट नीति है। नहीं कोई योजना बनाई जा रही है। आज देश में सरेआम महिलाओं का शोषण हो रहा है। बलात्कार करके हत्या कर दी जाती है । इस जघन्य कार्य में मोदी सरकार के खासकर भारतीय जनता पार्टी के मंत्री, सांसद, विधायक और उनके वरिष्ठ नेता गण संलग्न है । उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई करने के बदले उन्हें बचाने का काम सरकार कर रही है।देश का नौजवान बेरोजगारी का दंश झेल रहा है।देश में युवा नीति नहीं बनाई गई। रोजगार के अवसर नहीं ढूंढे जा रहे हैं और ठेका मजदूरी का प्रचलन कायम कर नौजवानों का भविष्य अनिश्चित किया जा रहा है। शैक्षणिक व्यवस्था भी सरकार की तरफ से नहीं बनायी जा रही है। इस हालात से उबरने की जरूरत के लिए संघर्ष का रास्ता चुना जा रहा है ।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी साम्राज्यवाद पूरी दुनिया को कब्जा करना चाह रहा है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को रातों-रात उनके निवास से उठाकर न्यू वर्क के जेल में डाल दिया है। ईरान के राष्ट्रपति खामेनेई की हत्या अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से हमला कर कर दिया ।आज ईरान पर लगातार हमले हो रहे हैं ।जबरन युद्ध थोपा जा रहा है।हजारों की तादाद में माशूम बच्चे, महिलाएं और आम लोगों को मारा गया है। इस युद्ध को रोकने के लिए पूरी दुनिया से आवाज उठ रहा है। खुद अमेरिकी जनता लाखों की तादाद में युद्ध के विरुद्ध सड़कों पर उतर रही है।

लेकिन दुर्भाग्य हमारे भारत का की देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भी अमेरिकी साम्राज्यवाद के पक्ष में खड़े दिख रहे हैं। हमारी देश की विदेश नीति को तार-तार कर दिया गया है ।हमारा देश युद्ध का हमेशा विरोधी रहा है। हम किसी भी देश की संप्रभुता पर हमले के विरोधी रहे हैं।
अब तो स्थिति यहां पहुंच गई है कि मोदी सरकार ने अमेरिका भारत ट्रेड डील को एकतरफा अमेरिका के पक्ष में किया है। अमेरिका के कृषि उत्पादित सामानों को भारत में बिना किसी शुल्क के बेचने की छूट दे दी गई है। लेकिन हमारे भारत द्वारा उत्पादित सामानों को अमेरिका में बेचने के लिए 18 % से 50 % शुल्क देना पड़ेगा। यह पूरी तरह देश को अमेरिका के आगे समर्पण करने की नीति है। हमारे किसानों का लूट करने की नीति है। इसलिए इस ट्रेड डील को खारिज करना पड़ेगा। यह आवाज देश की जनता की आवाज है ।इसलिए हमें अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए भी सरकार को समाप्त करना ही होगा। जो राष्ट्र विरोधी, संविधान विरोधी और जन विरोधी बन चुकी है।
हमारे देश की आंतरिक स्थिति बड़ा ही भयावह बनती जा रही है ।धार्मिक स्तर पर अल्पसंख्यकों के खिलाफ मोदी सरकार के मंत्री, सांसद ,कई मुख्यमंत्री, इनके बड़े नेता और खुद प्रधानमंत्री नफरती बयान दिए जा रहे हैं। यह देश को तोड़ने वाली नीति है। चुनाव जीतने के लिए आर एस एस के इशारे पर देश में मनुस्मृति लागू करने और बाबा साहब अंबेडकर के द्वारा निर्मित भारत के संविधान को समाप्त करने की इनकी नापाक चाल है ।यहां दलित वर्ग, महिला,किसान, मजदूर, नौजवान, छात्र कोई भी सुरक्षित नहीं है।इसलिए हमें इस मोदी सरकार और उनके द्वारा चलाई जा रही राज्यों में डबल इंजन की सरकार को समाप्त करना ही होगा ।तभी हमारा राष्ट्र , संविधान और संप्रभुता सुरक्षित हो पाएगा।

सभा की अध्यक्षता सांसद अमरा राम ने की।सभा को पोलिट ब्यूरो सदस्य प्रकाश करात,अशोक ढवले,तपन सेन,बीजू कृष्णन,बृंदा करात,मरियम ढवले,सुहासिनी अली,नीलोत्पल बसु, ए आर सिंधु,विक्रम सिंह,बिहार राज्य सचिव ललन चौधरी आदि ने संबोधित किया।


