कोरोना के साये में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का पांचवा चरण जारी

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल चुनाव 2021: एक तरफ पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल में पांचवे चरण के लिए मतदान हो रहा है. भारतीय राजनीति के इतिहास में शायद ही इतनी कठिन परिस्थितियों के बीच मतदान की प्रक्रिया कराई गई होगी. आज सुबह शुरू हुई मतदान प्रक्रिया सुबह सात बजे शुरू हुई और शाम 6.30 बजे तक जारी रहेगी. आज के चरण के चुनावों में छह जिलों की 45 सीटों पर 342 प्रत्याशियों की राजनीतिक तकदीर का फैसला मतदाता EVM में कैद हो रहा है, मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था भी चाक चौबंद रखी गई है, पिछला चरण हिंसक होने के बाद सुरक्षाकर्मियों को खास निर्देश दिए गए हैं. चुनाव आयोग का दावा है कि पोलिंग बूथ्स पर कोविड नियमों का पालन किय़ा जा रहा है लेकिन बूथ के बाहर कतार में खड़े लोग सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के अनुसार तो नजर नहीं आ रहे हैं. बताते चलें कि राज्य में विधानसभा चुनाव आठ चरणों में होने हैं जिसमें से चार चरणों का मतदान पूरा हो चुका है, पांचवे चरण के लिए आज मतदान हो रहा है. बाकी के तीन चरणों के लिए 22, 26 और 29 अप्रैल को मतदान होगा.

चुनाव और कोरोना…
- चुनाव आयोग के अनुसार सुबह 9 बजकर 32 मिनट तक पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण में 16.15 फीसदी मतदान हुआ.
- पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव लड़ रहे अलग-अलग दलों के कम से कम पांच उम्मीदवार कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. संक्रमित पाए गए पांच उम्मीदवारों में से तीन TMC के और एक-एक उम्मीदवार रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) और BJP के हैं.
- उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल (South bengal) के छह जिलों की 45 सीटों पर 342 प्रत्याशियों की राजनीतिक तकदीर का फैसला आज मतदाता EVM में कैद हो जाएगा, मतदान की प्रक्रिया सुबह सात बजे शुरू हो गई. सुबह से ही पोलिंग बूथ पर लोगों की लाइनें दिखाई दे रही हैं.
- इस चरण में सिलीगुड़ी के महापौर अशोक भट्टाचार्य, राज्य के मंत्री ब्रत्य बुस और भाजपा के समिक भट्टाचार्य भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इस चरण में कुल 1.13 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे.
- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण में आज (17 अप्रैल) 45 सीटों के लिए होने वाले मतदान के लिए चुनाव प्रचार बुधवार शाम को ही थम गया था. निर्वाचन आयोग ने चौथे चरण में कूचबिहार में हिंसा में हुई मौतों के मद्देनजर चुनाव प्रचार के समापन एवं मतदान के प्रारंभ होने के बीच की अवधि 48 घंटे से बढ़ाकर 72 घंटे कर दी है.
- कूचबिहार में सीआईएसफ की गोलीबारी में चार व्यक्तियों और अज्ञात व्यक्तियों के हमले में एक व्यक्ति की मौत के बाद निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की कम से कम 853 कंपनियां तैनात की हैं.
- 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा इस क्षेत्र में अधिक सीटों पर तृणमूल कांग्रेस से आगे रही थी. 2016 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने इस क्षेत्र में 32, वाममोर्चा-कांग्रेस गठबंधन ने दस सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा के पास कोई सीट नहीं आयी थी.
- कोविड-19 के कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों की पृष्ठभूमि में निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर शुक्रवार को राजनीतिक दलों के चुनाव प्रचार पर कुछ पाबंदियां लगायी, जिनमें प्रचार के समय में कमी करना भी शामिल है.
- पश्चिम बंगाल में बचे हुए चरणों के मतदान कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं होगा. सर्वदलीय बैठक में अंतिम तीन चरणों के लिए एकसाथ मतदान कराने की मांग सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने की थी, लेकिन अन्य दलों ने इसमें उसका साथ नहीं दिया.
भाजपा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी की कोविड-19 स्थिति पर हुई सर्वदलीय बैठक में कहा कि वह पश्चिम बंगाल में शेष चरणों के चुनाव एक साथ कराए जाने के खिलाफ है, क्योंकि ऐसा करने से जिन सीटों पर चुनाव अभी होना है, वहां के मतदाताओं एवं उम्मीदवारों को नुकसान होगा.
(सौजन्यः एनडीटीवी न्यूज)
संपादिकृतः ठाकुर वरूण कुमार 


