खाद की किल्लत दूर करने समेत तमाम मांगों को लेकर किसानों का प्रखंड पर प्रदर्शन
खाद की किल्लत दूर करने समेत तमाम मांगों को लेकर किसानों का प्रखंड पर प्रदर्शन

जे टी न्यूज़, समस्तीपुर
किसान आंदोलन के एक वर्ष पूरा होने पर दिल्ली की सीमा पर लड़ रहे किसानों को भेजा सलाम
मोतीपुर वार्ड-10 एवं रहीमाबाद वार्ड-8 में जल्द सड़क निर्माण शुरू हो अन्यथा होगा चक्का जाम आंदोलन
रोसड़ा के मृत सफाईकर्मी के परिजन को 20 लाख रुपये मुआवजा, नौकरी एवं हत्यारे को सजा दो
फतेहपुर में जारी नहर निर्माण संबंधी तथ्य की जानकारी को सार्वजनिक करो
ऐतिहासिक किसान आंदोलन के एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में दिल्ली की सीमा समेत देश भर में लड़ रहे किसानों को सलाम भेजते हुए राजधानी चौक से किसानों ने जुलूस निकालकर प्रखंड मुख्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया. इस दौरान किसान अपने-अपने हाथों में मांगों से संबंधित नारे लिखे तख्तियां, झंडे, बैनर लिए “दिल्ली में लड़ रहे किसानों को लाल सलाम”, “खाद किल्लत दूर करो”, “एमएसपी को कानूनी दर्जा दो”, “बाजार समिति को पुनर्बहाल करो”, “सब्जी मंडी में बिजली, बैंक, गार्ड, शेड की व्यवस्था करो”, “बाजार क्षेत्र में नाला निर्माण-सफाई-प्रकाश व्यवस्था दुरूस्त करो”, “मोतीपुर वार्ड-10, रहीमाबाद वार्ड-8 में सड़क निर्माण शुरू करो”, “बहादुरनगर समेत तमाम भूमिहीनों को वास की जमीन दो”, “फतेहपुर में जारी नहर निर्माण संबंधित जानकारी को सार्वजनिक करो”, “डीलर की मनमानी पर रोक लगाओ”, बढ़ते हत्या-अपराध पर रोक लगाओ”,”डीलर की मनमानी-लूट पर रोक लगाओ” आदि नारे लगा रहे थे।
मौके पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के प्रखण्ड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि यूपी के तर्ज पर बिहार में पुलिसिया जुल्म बढ़ रहा है. समस्तीपुर के रोसड़ा में बकाया मांगने पर सफाईकर्मी रामसेवक राम की मृत्यु पुलिस पिटाई से हाजत में हो जाती है. ताजपुर थाना के गुनाईबसही में 8 साल की बच्ची हत्याकांड का उद्भेदन तक नहीं हो पाता है. यह सुशासन की नीतीश सरकार के मुंह पर करारा तमाचा है। अपने अध्यक्षीय भाषण में अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रखण्ड अध्यक्ष ब्रहमदेव प्रसाद सिंह ने कहा कि डीएपी, नपीके आदि खाद दुकानदारों एवं माफियाओं के गोदाम में बंद है लेकिन किसानों को या तो खाद नहीं दिया जाता है या उंचे दर पर मिलता है. प्रखण्ड प्रशासन तुरंत खाद निगरानी कमिटी की बैठक बुलाकर किल्लत को दूर करे अन्यथा किसान सड़क जाम आंदोलन चलाएंगे.
कार्यक्रम में बासुदेव राय, राजदेव प्रसाद सिंह, शंकर सिंह, मनोज कुमार सिंह, रतन सिंह, रवींद्र प्रसाद सिंह, आसिफ होदा, नौशाद तौहीदी, प्रभात रंजन गुप्ता, चांद बाबू, अनीता देवी, सोनिया देवी, हरेंद्र प्रसाद सिंह, अर्जुन शर्मा, ललन दास, बिन्देश्वर राय, दिनेश राय, संजीव राय, मलित्तर राम, जगन्नाथ राय, महावीर प्रसाद सिंह, दिनेश सिंह, श्यामबाबू सिंह, प्रेमन पासवान, कैलाश सिंह, मो० अनवर, धर्मेंद्र पासवान समेत अन्य गणमान्य किसान मौजूद थे. 02 दिसंबर को मनरेगा सह नगर परिषद कार्यालय पर प्रदर्शन करने की घोषणा की गई।
कार्यक्रम के अंत में दिल्ली किसान आंदोलन में मृत तमाम किसानों को दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दिया गया।




