शिक्षक नियुक्ति में डोमेसाइल नीति वापस लेने के खिलाफ आइसा का विरोध प्रदर्शन नीति खत्म करने वाली अधिसूचना की प्रतियां जलाई

शिक्षक नियुक्ति में डोमेसाइल नीति वापस लेने के खिलाफ आइसा का विरोध प्रदर्शन नीति खत्म करने वाली अधिसूचना की प्रतियां जलाई
जे टी न्यूज़


पटना : शिक्षक नियुक्ति में डोमेसाइल नीति वापस लेने के खिलाफ आइसा ने आज पटना विश्वविद्यालय मुख्य द्वार पर अधिसूचना की प्रतियां जला कर विरोध प्रदर्शन किया. आइसा पटना विश्वविद्यालय सचिव कुमार दिव्यम ने कहा कि सरकार का शिक्षक नियुक्ति में डोमेसाइल नीति खत्म करने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है. शिक्षक अभ्यर्थी बहाली के इंतज़ार में बैठे हैं लेकिन सरकार बहाली प्रक्रिया में लगातार अड़चन पैदा कर रही है. बिहार के युवाओं के साथ यह नाइंसाफी है.बिहार जैसे राज्य जहाँ पहले से ही बहुत ज्यादा बेरोजगारी है वहाँ डोमेसाइल नीति खत्म करना कही से भी उचित नहीं है. आइसा अभ्यर्थियों के पक्ष में खड़ा है और इसका विरोध करता है. आइसा पटना विश्वविद्यालय अध्यक्ष नीरज यादव ने कहा कि बिहार के शिक्षा मंत्री का बिहार में योग्य अभ्यर्थी न मिलने वाला बयान निंदनीय है. अगर ऐसी बात है तो शिक्षा मंत्री को इसपे जवाब भी देना चाहिए कि ऐसा क्यों है.लगभग 14 राज्यों में डोमेसाइल नीति लागू है. बिहार में युवाओं की मांग पर इसे लागू किया गया था लेकिन बिना किसी स्पष्टीकरण के इसे हटा दिया गया. कई राज्यों में डोमिसाइल नीति लागू है. झारखंड में प्राथमिक शिक्षक बहाली में शत प्रतिशत डोमिसाइल लागू है. मध्यप्रदेश में भी यह नीति लागू है. इसलिए बिहार सरकार को अपने युवा बेरोजगारों के बारे में चिंतित होना चाहिए और तर्कसंगत फैसला व रास्ता अपनाना चाहिए. प्रदर्शन में आइसा विश्वविद्यालय उपाध्यक्ष आशीष साह, आकाश राव, आलोक कुमार, रवीश कुमार, आद्विक कुमार, शिक्षक अभ्यर्थी अमित सिंह, मंटू कुमार आर्या कुमार, मनीष कुमार रंजन कुमार सहित दर्ज़नों शिक्षक अभ्यर्थी उपस्थित थें.

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