ओवैसी आयेंगे तो गुल खिलायेंगे…! 16 फरवरी 2024 को किशनगंज दौरे पर आएंगे असदुद्दीन ओवैसी

ओवैसी आयेंगे तो गुल खिलायेंगे…!

16 फरवरी 2024 को किशनगंज दौरे पर आएंगे असदुद्दीन ओवैसी


किशनगंज/डा. रूद्र किंकर वर्मा।

सीमांचल में सेंध लगाने के लिए एआईएमआईएम सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी पहुंचने वाले हैं. यह बिल्कुल साफ है कि राहुल गांधी की न्याय यात्रा का मकसद मुस्लिम बहुल इस क्षेत्र में कांग्रेस के बिखरे जनाधार को नये सिरे से जोड़ना, सहेजना और मजबूत बनाना था. 29 और 30 जनवरी 2024 को किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार में आयोजित उनके कार्यक्रमों में लोगों की मौजूदगी और माहौल उत्साह बढ़ाने जैसा दिखा. कामयाबी कितनी मिली, यह भविष्य बतायेगा.
भूमिका बना गये राहुल
मुस्लिमों की बहुलता को अपनी सियासत के लिए अनुकूल मान एआईएमआईएम भी लम्बे समय से यहां पांव जमाने का प्रयास कर रहा है. 2020 के विधानसभा चुनाव में सीमांचल के पांच निर्वाचन क्षेत्रों में अप्रत्याशित जीत से उस प्रयास को मजबूत आधार मिला, उत्साहवर्धन हुआ. हालांकि, बाद के रजनीतिक घटनाक्रम में उसके चार विधायक एआईएमआईएम को छोड़ राजद की गोद में जा बैठे. पर, एआईएमआईएम का हौसला टूटा नहीं. प्रतिशोध के तौर पर ही सही, किशनगंज संसदीय क्षेत्र पर काबिज होने का जोश भर गया. किशनगंज अभी कांग्रेस के कब्जा में है. डा. जावेद आजाद उसके सांसद हैं. राहुल गांधी किशनगंज में कांग्रेस की जीत के दोहराव की भूमिका बना गये.

*16 फरवरी 2024 को किशनगंज पहुंचेंगे*

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मंसूबों पर पानी फेरने और एआईएमआईएम की बुलंदी की नींव डालने का संकल्प लिये 16 फरवरी 2024 को किशनगंज पहुंचेंगे. उस दौरान किशनगंज में उनका तीन दिवसीय प्रवास होगा. ठाकुरगंज विधानसभा क्षेत्र के पौआखाली मेला ग्राउंड, कोचाधामन विधानसभा क्षेत्र के डाकुपाड़ा रहमतपाड़ा हाट और बायसी विधानसभा क्षेत्र के डगरूआ हाट में जनसभा को संबोधित करेंगे. रहमतपाड़ा हाट की जनसभा में 2020 के विधानसभा चुनाव में कोचाधामन से राजद (RJD) के प्रत्याशी रहे शाहिद आलम उर्फ शाहिद मुखिया ईंट भट्टा वाले एआईएमआईएम की सदस्यता ग्रहण करेंगे.

*सुलग रही प्रतिशोध की आग
असदुद्दीन*
ओवैसी को उम्मीद है कि केन्द्र की भाजपा की सरकार की ओर से जिस ढंग से यूसीसी, एनआरसी और सीएए का मुद्दा फिर से उछाला जाने लगा है उससे 2020 की तरह इस बार भी सीमांचल में उनकी राजनीति (Politics) चमक जा सकती है. 2024 के संसदीय चुनाव में वैसा ही लाभ मिल जा सकता है जैसा 2020 के विधानसभा चुनाव में मिला था. असदुद्दीन ओवैसी और उनकी पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष विधायक अख्तरूल ईमान को वह दर्द अब भी टीस रहा है जो कथित रूप से नीतीश कुमार की शह पर राजद ने एआईएमआईएम के चार विधायकों को तोड़ कर दिया था. एआईएमआईएम के सूत्रों के मुताबिक इन दोनों नेताओं के सीने में तभी से प्रतिशोध की आग सुलग रही है जो किशनगंज संसदीय क्षेत्र में विजय हासिल करने से ही शांत हो पायेगी.


*तब आंसू बहाना पड़ेगा*

इसी दृढ़ निश्चय के साथ 2019 के चुनाव की तरह 2024 में भी अख्तरूल ईमान एआईएमआईएम के उम्मीदवार के तौर पर किशनगंज के मैदान में उतरेंगे. कांग्रेस सांसद डा. जावेद आजाद के खिलाफ उफनाये असंतोष की लहर पर सवार हो किला फतह कर लेंगे, ऐसा विश्लेषकों का मानना है. उनके इस आकलन को मजबूती राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान डा. जावेद आजाद के खिलाफ उछले नारों से भी मिलती है. नारे लगाने वाले लोगों ने राहुल गांधी से स्पष्ट शब्दों में कह दिया कि किशनगंज में उम्मीदवार नहीं बदला गया तो परिणाम आंसू बहाने वाले निकलेंगे. असदुद्दीन ओवैसी और अख्तरूल ईमान के हौसले इस वजह से भी बढ़े हुए हैं।

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