बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने 30 सूत्री मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शन
बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने 30 सूत्री मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शन
जे टी न्यूज़, पटना : बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के द्वारा राज्य कार्यकारिणी के निर्णय अनुसार आज दिनांक 20 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री, बिहार के समक्ष गर्दनीबाग पटना में 30 सूत्री मांगों को लेकर आक्रोषपूर्ण प्रदर्शन किया गया, प्रदर्शन का नेतृत्व महासंघ के महामंत्री सुबेश सिंह ने किया। NPS को समाप्त कर राज्य में सभी कर्मियों को पुरानी पेंशन का लाभ देने PFRDA बिल की वापसी हेतु राज्य सरकार के स्तर से उचित कार्रवाई करने, राज्य वेतन आयोग का गठन करने, प्रत्येक 5 वर्ष पर वेतन पुनरीक्षण का लाभ देने, ठेका संविदा, आउटसोर्सिंग प्रथा पर रोक लगाते हुए मानदेय आधारित कर्मियों की सेवा स्थाई करने, दैनिक वेतन भोगी- मौसमी कर्मचारी एवं स्कीम वर्करों को सरकारी सेवक घोषित करने, समान वेतन प्रणाली लागू करने ,सभी विभागों में रिक्त पड़े पदों को नियमित बहाली के माध्यम से भरने, जनवरी 2020 के प्रभाव से देय मंहगाई भत्ते/ महंगाई राहत की किस्तों को बकाया भुगतान सहित रिलीज करने, राज्य कर्मियों को सेवा संवर्ग नियमावली के पद सोपानों के अनुरूप प्रोन्नति के पदों पर वास्तविक रूप से प्रोन्नति का लाभ देने, MACP में संवर्गीय ग्रेड वेतन का लाभ देने, छठे वेतन के तमाम विसंगतियों को दूर करने, सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र संख्या 19300 दिनांक 13 10 20 23 के आलोक में राज्यधीन सेवाओं के अंतर्गत सभी पदों को तदर्थ प्रोनति का लाभ देने, नवनियुक्त राजस्व कर्मचारी/ पंचायत सेवकों/ समाहरणालय लिपिकों को उनके जिला स्तरीय संवर्ग होने के कारण गृह जिला में पदस्थापित करने, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के निजीकरण पर रोक लगाने सहित 30 सूत्री मांगों को लेकर बिहार के कोने-कोने से आए हजारों हजार कर्मचारियों का जत्था पटना के गर्दनीबाग स्थित गेट पब्लिक लाइब्रेरी के निकट पहुंचकर झंडो एवं बैनरों के साथ एक बड़े जुलूस की शक्ल में जोरदार नारेबाजी करते हुए गर्दरीबाग धरना स्थल पर पहुंचा।
प्रदर्शन एक बड़ी आमसभा में तब्दील हो गई ।आयोजित सभा की अध्यक्षता राज्य अध्यक्ष नीलम कुमारी उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह, राम किशोर सिंहा ,अवलेश कुमारी की अध्यक्ष मंडली के द्वारा किया गया। सभा को संबोधित करते हुए महामंत्री सुवेश सिंह ने कहा कि 06 लाख कर्मचारी शिक्षकों के पद खाली है जिस पर सरकार के घोषणा के बावजूद स्थाई बहाली नहीं हो पाई है। उन पदों पर ठेका संविदा की बहाली हो रही है बहुत सारे पदों आउटसोर्सिंग कंपनियों के हाथों में सोप जा रहा है। नए रोजगार का सृजन नहीं हो रहा है और बेरोजगार युवाओं का राज्य से पलायन हो रहा है। राज्य कर्मियों को उनके संवर्ग नियमावली के अंतर्गत पद सोपान के अनुरूप प्रोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है, उनके सेवा शर्तों के विपरीत कार्य कराया जा रहा है।कर्मचारी नेताओं पर मनगढ़ंत आरोप लगाकर विभागीय कार्रवाई हो रहे हैं। चेतावनी दिया कि सरकार ऐसे कदमों से बाज आवे। सभा को महासंघ के सम्मानित अध्यक्ष सह राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शशिकांत राय ने कहा कि देश में जनवरी 2004 से एवं बिहार में सितंबर 2005 से कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा पेंशन को छीन कर सामाजिक सुरक्षा की गारंटी समाप्त कर दी गई है ।
केंद्र सरकार द्वारा ले जा रहे यूनिफाइड पेंशन स्कीम को पिछले 10 वर्षों का सबसे बड़ा जुमला करार दिया। सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की। मानद सदस्य विश्वनाथ सिंह ने कहा कि अस्पतालों में एंबुलेंस , एक्स-रे जांच, पैथोलॉजी इत्यादि की व्यवस्था को निजी हाथों में सौंप कर सरकार ठेकेदारों को मदद पहुंचा रही है। आशा आंगनबाड़ी ममता जैसे महिला स्कीम वर्करों को देने के लिए सरकार के पास पैसे नहीं है जबकि महिला संवाद के नाम पर 225 करोड़ का फंड जारी किया गया है। सभा को मुख्य संरक्षक फूल कुमार झा , महिला उप समिति की संयोजिका रेखा कुमारी, सहायक महामंत्री विपिन बिहारी राय, संयुक्त मंत्री मनोज कुमार सिंह शरद कुमार अमित मिश्रा हरि नारायण सिंह बिंदी पासवान ,कोषाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार उपाध्यक्ष दीनानाथ सिंह शशि भूषण प्रसाद सुभाष चंद्र झा सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। 30 सूत्री मांग पत्र का संलेख उपस्थित दंडाधिकारी के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री बिहार सरकार एवं मुख्य सचिव बिहार को समर्पित किया गया।



