समूह की महिलाओं का विकेंद्रित सौर ऊर्जा आधारित खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण संपन्न
समूह की महिलाओं का विकेंद्रित सौर ऊर्जा आधारित खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण संपन्न
जे टी न्यूज, उन्नाव : उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका अंतर्गत विकेंद्रित सौर ऊर्जा आधारित खाद्य प्रसंस्करण पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की एकदिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुई।
आईएएस दीपा रंजन, मिशन निदेशक आजीविका मिशन के के निर्देशन में स्वच्छ ऊर्जा एवं सतत आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, उन्नाव जिले के विकास खंड पुरवा में में डीआरई आधारित फूड प्रोसेसिंग मशीनों के संचालन पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में समूह की महिलाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अपनी तकनीकी दक्षता को और बढ़ाया।
यह प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत पीसीआई इंडिया द्वारा प्रेरणा ओजस के सहयोग से संचालित किया गया।
पीसीआई इंडिया के एसोसिएट निदेशक आदिल अब्बास ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान समूह की महिलाओं को डीआरई एक्सपर्ट आशीष यादव द्वारा ऊर्जा दक्ष फूड प्रोसेसिंग मशीनों की संरचना, संचालन विधियों और ऊर्जा दक्षता के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें आम का जूस,केला जूस,संतरा का जूस, जैम, अर्क, नींबू का जूस, अर्क एवं चटनी, पपीते का जैम, टमाटर सॉस, जूस, चटनी व प्यूरी और आंवला आधारित उत्पाद जैसे जूस, लड्डू, मसाला मिक्स सहित विभिन्न मूल्य संवर्धित खाद्य उत्पादों के निर्माण की प्रक्रिया भी सिखाई गई। इसके अलावा, महिलाओं ने एलोवेरा से साबुन, शैम्पू, हैंड वॉश, स्किन जेल जैसे घरेलू उत्पादों के निर्माण के लिए भी प्रशिक्षण प्राप्त किया। यह प्रशिक्षण न केवल तकनीकी ज्ञान प्रदान करने वाला था, बल्कि महिलाओं को स्व-रोजगार के लिए प्रेरित करने वाला भी था, जिससे उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नया मार्ग मिला। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों पर आधारित सूक्ष्म उद्यमिता की दिशा में सक्षम बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को टिकाऊ आजीविका के साधनों से जोड़ना और उन्हें उद्यमशीलता के लिए आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
यह प्रयास न केवल महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को सशक्त करता है, बल्कि पर्यावरणीय संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को भी प्रोत्साहित करता है।
शैलेंद्र द्विवेदी ओजस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि इस प्रकार की पहलें ग्रामीण भारत में नवाचार और सशक्तिकरण के आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करती हैं, जो अन्य जिलों व राज्यों के लिए प्रेरणास्पद मॉडल बन सकती हैं।


