तमिलनाडू में 69 फीसदी तो बिहार में 65 फीसदी आरक्षण क्यों नहीं-उमाकांत
तमिलनाडू में 69 फीसदी तो बिहार में 65 फीसदी आरक्षण क्यों नहीं-उमाकांत

जे टी न्यूज, मधुबनी।
बाबूबरही विधानसभा क्षेत्र से राजद के पूर्व विधायक प्रोफेसर उमा कांत यादव, पूर्व जिला परिषद सदस्य सह राजद प्रदेश सचिव राम अशीष पासवान, पूर्व प्रमुख भोगेन्द्र यादव ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि पहलगाम आतंकी हमला में मारे गए लोगों के प्रति हम श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। पूर्व विधायक यादव ने कहा कि पिछले किसी भी समय की तुलना में देश के ऊपर फासीवादी ताकतों की हमला बढ़ता जा रहा है। अम्बेडकर द्वारा लिखित व देश में लागू संविधान को मोदी की सरकार तार तार करने पर तुली है। बिहार में चुनाव को लेकर प्रधानमंत्री का लगातार दौरा होने लगा है,

पिछड़ा, अतिपिछड़ा, और दलित समुदाय को आपस में बांट कर संविधान को ध्वस्त करने का सपना फासीवादी ताकतें देख रही है। बिहार की जनता मोदी से जबाब चाहती है कि तामिलनाडु में 69 प्रतिशत आरक्षण दिया जा सकता है तो बिहार में 65 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव को केंद्र के नौवें अनुसूची में शामिल क्यों नहीं किया गया है।पान समुदाय और लोहार जाति के लोगों को अनुसूचित जाति का दर्जा क्यों समाप्त कर दिया गया है। पूर्व विधायक प्रोफेसर यादव ने जनता दर्शन कार्यक्रम पार्ट 2 के तहत विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों एवं टोला के दौड़ा के क्रम में डलोखर गांव में कहा कि चुनावी प्रक्रिया की सामना मजबूत संगठन निर्माण करके किया जा सकता है। इस कड़ी में हम सबों की पहली जिम्मेदारी है कि हर बूथ पर बीएलओ नियुक्त किया जाय। भाजपा जदयू के द्वारा सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर मतदाता सूची में हेराफेरी की संभावना बढ़ गई है। इस पर पैनी नजर रखने की जरूरत है।

श्री यादव ने कहा पहलगाम हमला के बाद सभी दल के नेताओं को विश्वास में लेकर उच्च स्तरीय जांच कराया जाना चाहिए और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होना चाहिए। जांच रिपोर्ट को छुपाना, जांच रिपोर्ट में छेड़छाड़, दोषी के विरुद्ध जनता के विश्वास को ध्यान में रखकर किया जाना ही हितकर होगा।

