बिहार
आयात फ्यूल सेंटर का शुभारंभ
आयात फ्यूल सेंटर का शुभारंभ जे टी न्यूज, खगड़िया: परबत्ता प्रखंड के देवरी पंचायत स्थित मड़ैया जमालपुर रोड गमघट्टा पुल…
Read More »भाजपा द्वारा जी राम जी पर कार्यशाला का आयोजन
भाजपा द्वारा जी राम जी पर कार्यशाला का आयोजन जे टी न्यूज, सासाराम (रोहतास) भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय…
Read More »अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु अहम बैठक आयोजित
अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु अहम बैठक आयोजित जे टी न्यूज़, समस्तीपुर ” अनुमंडल पदाधिकारी…
Read More »1 फरवरी को मालीपुर दुर्गा स्थान में गन्ना किसानों का महापंचायत होगा गन्ना का घोषित मूल्य किसानों के साथ धोखा
1 फरवरी को मालीपुर दुर्गा स्थान में गन्ना किसानों का महापंचायत होगा गन्ना का घोषित मूल्य किसानों के साथ धोखा…
Read More »बढ़ते ठंड के मद्देनजर गरीबों, जरूरतमंदों के बीच 100 कंबल का किया गया वितरण
बढ़ते ठंड के मद्देनजर गरीबों, जरूरतमंदों के बीच 100 कंबल का किया गया वितरण जे टी न्यूज,मधुबनी मधुबनी जिले के…
Read More »प्रशांत किशोर ने पटना गर्ल्स हॉस्टल में लड़की की हुई संदिग्ध मौत के मामले में परिजनों की मुलाकात
प्रशांत किशोर ने पटना गर्ल्स हॉस्टल में लड़की की हुई संदिग्ध मौत के मामले में परिजनों की मुलाकात जे टी…
Read More »डीएम ने किया समीक्षा बैठक
डीएम ने किया समीक्षा बैठक जे टी न्यूज, मधेपुरा : समाहरणालय स्थित न्यू एन०आई०सी० भवन में शुक्रवार को डीएम अभिषेक…
Read More »चम्पारण आगमन पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को खुला पत्र
चम्पारण आगमन पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को खुला पत्र जे टी न्यूज, बेतिया: बिहार राज्य ईख उत्पादक संघ…
Read More »चम्पारण आगमन पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को खुला पत्र जे टी न्यूज, बेतिया: बिहार राज्य ईख उत्पादक संघ के महासचिव प्रभुराज नारायण राव ने मुख्यमंत्री के पश्चिम चंपारण आगमन पर खुला पत्र के माध्यम से कहा है कि बिहार के गन्ना उत्पादक किसानों को 550 रुपए प्रति क्विंटल गन्ना का मूल्य दिया जाए ।यह मांग अपने संघर्ष और स्मार– पत्र के माध्यम से बिहार राज्य ईख उत्पादक संघ करता रहा है। लेकिन बिहार सरकार ने जो गन्ना के मूल्य का निर्धारण किया है। वह देश के किसी भी राज्य के गन्ना के दर से कम है। यह बिहार के गन्ना किसानों का शोषण है। उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में जो 29 चीनी मिलें चल रही थी ।उसमें से मात्र 9 चीनी मिलें चल रही है ।जिसमें से 5 चीनी मिलें पश्चिम चंपारण में ही चल रही है ।शेष 20 चीनी मिलें जो बंद है। उनको चालू करने के लिए वर्षों से ईख उत्पादक संघ संघर्ष कर रहा है। जो बिहार के विकास के लिए भी बहुत जरूरी है । उन्होंने कहा कि बिहार सरकार अपनी प्रथम मंत्रिमंडलीय बैठक में 25 नई चीनी मिलों को चालू करने तथा 9 पुराने चीनी मिलों को भी चालू करने का निर्णय लिया है। उसमें अभी तक कहीं कोई कार्रवाई नहीं दिख रही है ।उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में कृषि आधारित उद्योग की जाल बिछाने की जरूरत है ।इस रोशनी में बंद पड़े चीनी मिलों को तथा प्रस्तावित 25 चीनी मिलों को बिहार सरकार चालू कर दे ।तो निश्चित रूप से बिहार में विकास की एक नई लहर दौड़ जाएगी। बिहार से नौजवानों का पलायन रुक जाएगा और गन्ना जैसे नगदी फसल को लगाने और उसका लाभ लेने का मौका बिहार के किसानों को बड़े पैमाने पर मिल जाएगा । उन्होंने यह भी कहा कि चीनी मिलों द्वारा इथनॉल बनाने का कार्य हो रहा है और सभी चीनी मिलों के चालू हो जाने के बाद बिहार इथनॉल का एक हब बन सकता है। इसलिए मोदी सरकार द्वारा कारपोरेट जगत को लूटने और बिहार के किसानों को भुखमरी के कगार पर लाने की योजना के आधार पर खाने के अनाज आधारित इथनॉल प्लांट बिहार में लगाने की महिम पर अविलंब रोग लगाया जाए। क्योंकि खाने के अनाज पर आधारित यह इथनॉल प्लांट बिहार के अंदर भूख और बेकारी पैदा करने की साजिश है।
चम्पारण आगमन पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को खुला पत्र जे टी न्यूज, बेतिया: बिहार राज्य ईख उत्पादक संघ…
Read More »सर्वहारा वर्ग की सत्ता की कामना के साथ सीपीआई का शताब्दी स्थापना दिवस समारोह संपन्न
सर्वहारा वर्ग की सत्ता की कामना के साथ सीपीआई का शताब्दी स्थापना दिवस समारोह संपन्न जे टी न्यूज, समस्तीपुर/रोसड़ा: भारतीय…
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