एम. के. कॉलेज में सेवानिवृत्ति के वेला पर भौतिकी विभागाध्यक्ष डॉ. शम्से आलम को दी गयी भावभीनी विदाई
एम. के. कॉलेज में सेवानिवृत्ति के वेला पर भौतिकी विभागाध्यक्ष डॉ. शम्से आलम को दी गयी भावभीनी विदाई
जे टी न्यूज, लहेरियासराय, दरभंगा:-

स्थानीय महारानी कल्याणी महाविद्यालय, लहेरियासराय, दरभंगा में भौतिकी विभागाध्यक्ष सह महाविद्यालय के पूर्व बर्सर डॉ. शम्से आलम के सेवानिवृत्ति के वेला पर भावभीनी विदाई दी गयी। ज्ञात हो कि 30 नवंबर को रविवार का अवकाश होने के कारण 29 नवंबर को ही आज उन्हें सेवानिवृत्त होना था, जिस बाबत महारानी कल्याणी महाविद्यालय से प्रतिनियुक्ति से विरमित हो वो आज अपने मूल महाविद्यालय झुमक महासेठ डॉ. धर्मप्रिय लाल महिला महाविद्यालय, मधुबनी के लिये प्रस्थान कर गये, जहां से आज वे सेवानिवृत्त हो गये।
इस बाबत प्रधानाचार्य डॉ. मो. रहमतुल्लाह ने उन्हें महाविद्यालय परिवार के तरफ से पारंपरिक परिधान कुर्ता-पायजामा, टोपी, चादर व अन्य परिधान के साथ पुष्प-गुच्छ का माला व गुलदस्ता देकर सम्मानित करते हुए इस वेला पर कहा कि डॉ. शम्से आलम ने अपने अध्ययन, अध्यापन कर्म व वाणी से जो छाप इस महाविद्यालय परिवार पर छोड़ा है, वो महाविद्यालय के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित हो गया है। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु जीवन की कामना परवदिगार मौला से करता हूँ।
महाविद्यालय के वरीय शिक्षक सह इंग्लिश विभागाध्यक्ष प्रो. परवेज अख्तर ने कहा कि डॉ. शम्से आलम अपने कार्यप्रणाली व जिंदादिली को लेकर हम सबों के जेहन में बस चुके हैं। बतौर परीक्षा नियंत्रक जिस कला के साथ वो घन्टों का काम मिनटों में निपटा देते थे, वो हम सभी के लिये अनुकरणीय है। आगे वो स्वस्थ रहें, मस्त रहें और दीर्घायु हों। अल्लाह से यही इबादत करता हूँ।
महाविद्यालय के बर्सर सह जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सच्चिदा नंद मिश्र ने कहा कि डॉ. आलम महाविद्यालय परिवार के उस वट वृक्ष के समान हैं, जो सभी कनीय आचार्यों व कर्मियों को ना सिर्फ समय दर समय मार्गदर्शन करते थे बल्कि अपनी अनुभव की शीतलता से हम सभी को सींचते रहते थे। उनकी सेवानिवृत्ति हमलोगों को जरूर खलेगी।
इस मौके पर शिक्षक संघ व कर्मचारी संघ की ओर से भी उन्हें अलग-अलग मिथिला के पारंपरिक परिधान पाग, चादर व अंग-वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर सभी विभाग के शिक्षकों व कर्मियों ने उनके सम्मान में अपने-अपने उद्गार व्यक्त कर उन्हें विदाई दी।



