सामाजिक न्याय, समरसता और विकास की राजनीति के थे सशक्त हस्ताक्षर:के. एन. विश्वास

सामाजिक न्याय, समरसता और विकास की राजनीति के थे सशक्त हस्ताक्षर:के. एन. विश्वास

जे टी न्यूज, अररिया:
पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री एवं सीमांचल गांधी के नाम से विख्यात मरहूम तस्लीमुद्दीन साहेब की यौमे पैदाइश पर शिवपुरी में उन्हें खिराज ए अकीदत पेश किया गया I इस मौके पर जिला मुख्यालय अररिया में भावभीनी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। वरिष्ठ राजद नेता सह पूर्व पीपी के. एन. विश्वास के आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में राजनीतिक, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों ने उनकी स्मृतियों को नमन किया।
सभा के दौरान उपस्थित लोगों ने तस्लीमुद्दीन साहब के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके सामाजिक सरोकारों, विकासपरक सोच, न्यायप्रेरित राजनीति और समाजवादी संघर्षों को याद किया।
इस अवसर पर के. एन. विश्वास ने कहा कि तस्लीमुद्दीन साहब ऐसे जननेता थे, जो सत्ता नहीं, समाज को केंद्र में रखकर राजनीति करते थे। वे हमेशा समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के अधिकार, सम्मान और विकास को लेकर चिंतित रहते थे। सीमांचल और उत्तर बिहार के सर्वांगीण विकास की उनकी सोच आज भी प्रासंगिक है।
उन्होंने कहा कि तस्लीमुद्दीन साहब गंगा-जमुनी तहज़ीब के जीवंत प्रतीक थे। सभी धर्मों और वर्गों के प्रति समान दृष्टि रखना उनकी राजनीतिक पहचान थी। उनका असमय जाना सीमांचल ही नहीं, बल्कि उत्तर बिहार की राजनीति के लिए एक ऐसा शून्य छोड़ गया, जिसे भर पाना आसान नहीं है। वे उत्तर बिहार की राजनीति के बड़े ध्रुवीकार, सशक्त वक्ता और जनभावनाओं के सच्चे प्रतिनिधि थे।
श्रद्धांजलि सभा में उनके पुराने सहयोगी पोलो झा, राजद जिलाध्यक्ष अविनाश आनंद, रमेश कुमार, बिजेंद्र कुमार, दीपशेखर जिम्मी, जगदीश झा गुड्डू, शुभम कुमार, कुमार मंगलम, नन्हें प्रियदर्शी, मृत्युंजय देव, संजीत मंडल, सुशील यादव, गरीबनाथ महतो सहित बड़ी संख्या में नेता, कार्यकर्ता एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।


*जरा हटकर*
कुछ नेता इतिहास बनते हैं,
और कुछ इतिहास की दिशा तय करते हैं—तस्लीमुद्दीन साहेब उन्हीं में से एक थे।सीमांचल आज भी उनके विचारों के सहारे आगे बढ़ रहा है।

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