1 फरवरी को मालीपुर दुर्गा स्थान में गन्ना किसानों का महापंचायत होगा गन्ना का घोषित मूल्य किसानों के साथ धोखा
1 फरवरी को मालीपुर दुर्गा स्थान में गन्ना किसानों का महापंचायत होगा
गन्ना का घोषित मूल्य किसानों के साथ धोखा

जे टी न्यूज़, बेगूसराय:
मालीपुर दुर्गा स्थान में गन्ना किसानों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिहार राज्य गन्ना किसान मोर्चा के अध्यक्ष अशोक प्रसाद सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा 15 रु प्रति क्विं गन्ना मूल्य में वृद्धि ऊंट के मुंह में जीरा के समान है।बिहार सरकार के गन्ना उद्योग विकास मंत्री ने गन्ना उत्पादकों के साथ भयानक धोखा किया है। आसमान छूती महंगाई से गन्ना खेती की उत्पादन लागत में बेतहाशा वृद्धि हुई है। मोर्चा सरकार से लगातार मांग कर रही है कि गन्ना का मूल्य कम से कम 800 रु प्रति क्विंटल निर्धारित हो।
खेती किसानी पर बड़ी-बड़ी बातें करने वाली नीतीश सरकार से गन्ना किसानों को बड़ी उम्मीद थी कि गन्ना की खेती में बढ़ते उत्पादन लागत की समीक्षा कर सरकार गन्ना खेती को प्रोत्साहित करने हेतु गन्ना का लाभकारी मूल्य घोषित करेगी।परंतु लगता है कि चीनी मिल मालिकों के समक्ष सरकार ने पुर्णतः घुटना टेक दिया।उत्तम एवं सामान्य प्रभेद पर 15 रुपया प्रति क्विंटल तथा निम्न प्रभेद पर 20 रु प्रति क्विंटल मूल्य वृद्धि की घोषणा कर सरकार ने किसानों के साथ विश्वासघात किया है।अधिकांश किसान गन्ने की उत्तम और सामान्य प्रभेद की खेती ही करते हैं। देश-विदेश में सबसे कम गन्ना का मूल्य बिहार में है,जबकि नेपाल में 440 रु, पंजाब में 416 रु, हरियाणा में 415 रु, उत्तराखंड में 405 रु और यूपी में 400 रु प्रति क्विं गन्ना का मूल्य है, जबकि बिहार में अभी 365रु,345रु, और 310 रु था।
उन्होंने सरकार से मांग किया कि मिल मालिकों से वाजिब दाम नहीं दिल पाने की स्थिति में गन्ना खेती को प्रोत्साहित करने हेतु सरकार कम से कम 100 रु प्रति क्विंटल किसानों को बोनस दे।किसानों के बीच यह संदेश जा रहा है कि सरकार बिहार वासियों को ठगने के लिए 25 चीनी मिल खोलने की सिर्फ डपोरशंखी ब्यान दे रही है। सोने जैसी बेशकीमती धातु के रूप में गन्ना एक बहु उपयोगी फसल है। किसानों के हित के लिए ईख बोर्ड का अविलंब गठन किया जाए।
गन्ना से चीनी, एथनॉल,विद्युत,खाद,गत्ता,कागज एवं जलावन आदि उपयोगी उद्योग लगाए जा सकते है। इसलिए शुगर फैक्ट्री का नाम बदलकर सूगर कंपलेक्स रखा जाए। शुगर कॉर्पोरेशन में व्याप्त भयानक घोटाला एवं उसके गलत नीतियों के चलते बिहार में फलता-फुलता चीनी उद्योग देखते-देखते तबाह -व-बर्बाद हो गया। इसके लिए एक कमिटी गठित कर अविलंब जांच कर दोषियों कोसजा दी जाय। सरकार सीधे गन्ना उद्योग की देखभाल करें। चीनी उद्योग का विकास एवं विस्तार हेतु किसान प्रतिनिधियों के साथ नए सिरे से अध्ययन कर नई तकनीक पर आधारित चीनी मिलों की स्थापना के साथ एथनॉल,विद्युत,खाद एवं कागज आदि फैक्ट्री खोला जाए।
इसकी शुरुआत में मोतिहारी,लोहट, मोतीपुर,रैयाम,सकरी,बनमनखी,सासामुसा,मढ़ौरा, समस्तीपुर,बारा-चकिया,चनपटिया और बिहटा में चीनी मिल खोलने के लिए बिहार राज्य गन्ना किसान मोर्चा अलग-अलग इलाकों में किसान पंचायत लगाएगी।सम्मेलन की अध्यक्षता पैक्स अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह ने की।
सम्मेलन को किसान नेता रामनरेश सिंह,हिमांशु शेखर प्रसाद सिंह,राकेश कुमार वर्मा,संतोष कुमार ईश्वर,अर्जुन सिंह, पैक्स अध्यक्ष रजनीश कुमार सिंह,प्रशांत कुमार एवं आदित्य कुमार आदि ने संबोधित किया। हसनपुर चीनी मिल क्षेत्र का किसान पंचायत 1 फरवरी को 11 बजे दिन से मालीपुर दुर्गा स्थान में होगा।राज्य स्तरीय एक प्रतिनिधिमंडल सरकार से मिलकर उनका ध्यान गन्ना किसानों की समस्याओं की ओर आकृष्ट करेंगे।
Editot By :- Satyajeet Kumar 



