संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर मुरलीगंज में किसानों का प्रदर्शन
किसान-मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जताया आक्रोश
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर मुरलीगंज में किसानों का प्रदर्शन
किसान-मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जताया आक्रोश

जे टी न्यूज, मुरलीगंज मधेपुरा:
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर अखिल भारतीय किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को शहर के बैंगा पुल पर विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार की किसान एवं मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा के अंचल मंत्री रमेश कुमार शर्मा एवं पूर्व अंचल मंत्री अनिल भारती ने किया। नेताओं ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार की नीतियां पूरी तरह किसान विरोधी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में कथित पैंतरेबाजी, खाद की भारी किल्लत और काला बाजारी पर गहरी नाराजगी जताई।
नेताओं ने बीज विधेयक 2025, विद्युत संशोधन विधेयक 2025, वीबी-ग्रामग अधिनियम 2025 तथा चार श्रम संहिताओं को किसान-मजदूर विरोधी बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि इन कानूनों से किसानों की आजीविका, मजदूरों के अधिकार, खाद्य सुरक्षा, रोजगार गारंटी और राज्यों के संघीय अधिकारों पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
भाकपा नेता रौशन यादव एवं सोने लाल महतो ने सी2+50 प्रतिशत के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, समग्र कर्ज माफी, भूमि अधिग्रहण पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता अधिनियम 2013 के पूर्ण क्रियान्वयन की मांग की। साथ ही मनरेगा की बहाली, बीज संप्रभुता की रक्षा, राज्यों के संघीय अधिकारों को मजबूत करने और कॉरपोरेट-परस्त सभी कानूनों को निरस्त करने की मांग उठाई। प्रदर्शन में शत्रुघ्न यादव, रमेश विश्वकर्मा, गजेंद्र ऋषिदेव, धनिकलाल साव, रुपेश साह, अजय राम एवं अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
फोटो: बैंगा पूल पर विरोध प्रदर्शन करते भाकपा नेता



