आम बजट 2026–27 : विकास की रफ्तार, उम्मीदें और कुछ सवाल
आम बजट 2026–27 : विकास की रफ्तार, उम्मीदें और कुछ सवाल

जे टी न्यूज, समस्तीपुर: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में लगातार नौवां आम बजट पेश करते हुए यह स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकार आर्थिक विकास की रफ्तार बनाए रखने के साथ-साथ तकनीक, निवेश और कर सुधारों पर फोकस कर रही है। यह बजट ऐसे समय आया है, जब देश ने लगभग 7 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है और सरकार ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर आत्मविश्वास से आगे बढ़ने का दावा कर रही है।
इस बजट की एक बड़ी घोषणा पूंजीगत व्यय को लेकर है। सरकार ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। सड़क, रेल, बुनियादी ढांचे और निर्माण क्षेत्र में निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। इसका लाभ बिहार जैसे राज्यों को भी मिल सकता है, जहां आधारभूत संरचना अभी भी विकास की मांग कर रही है।
तकनीक और भविष्य की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सेमीकंडकटर मिशन 2.0 और बायो फार्मा शक्ति जैसी योजनाओं की घोषणा की है। बायोफार्मा क्षेत्र के लिए अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है। हालांकि सवाल यह भी है कि ऐसे हाई-टेक सेक्टर का लाभ आम ग्रामीण युवा तक कितनी जल्दी पहुंचेगा।
मध्यम वर्ग और छोटे करदाताओं के लिए बजट में कुछ राहत की बातें भी हैं। नियम आधारित स्वचालित प्रणाली से कम या शून्य टीडीएस सर्टिफिकेट, आईटीआर फाइलिंग की समयसीमा में विस्तार और संशोधित रिटर्न की सुविधा को सरल बनाना सकारात्मक कदम है। शिक्षा और स्वास्थ्य पर टी सी एस दर को 5% से घटाकर 2% करना आम परिवारों के लिए राहत भरा है।

वहीं दूसरी ओर, महंगाई, किसानों की आय और महिलाओं के लिए प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता को लेकर बजट से जो अपेक्षाएं थीं, वे पूरी तरह संतुष्ट करती नहीं दिखतीं। बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए विशेष पैकेज या ठोस घोषणाओं की कमी महसूस होती है।
सरकार ने राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.3% पर रखने का लक्ष्य रखा है, जो वित्तीय अनुशासन का संकेत है। कुल मिलाकर, आम बजट 2026–27 विकासोन्मुखी और सुधार आधारित है, लेकिन इसकी असली कसौटी यही होगी कि इसका लाभ आम आदमी के जीवन में कितनी तेजी और कितनी गहराई से महसूस होता है।
– डॉ. विजय कुमार गुप्ता
असिस्टेंट प्रोफेसर(वरीय), अर्थशास्त्र
वीमेंस कॉलेज, समस्तीपुर


