नीट छात्रा कांड सहित बेटियों पर बढ़ती हिंसा के खिलाफ राज्यव्यापी संघर्ष का ऐलान

नीट छात्रा कांड सहित बेटियों पर बढ़ती हिंसा के खिलाफ राज्यव्यापी संघर्ष का ऐलान


जे टी न्यूज़, पटना/जहानाबाद: अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) की महासचिव का. मीना तिवारी के नेतृत्व में ‘बेटी बचाओ, न्याय यात्रा’ आज जहानाबाद जिले के पतियामा गांव से शुरू हुई. यह वही गांव है, जहां नीट की छात्रा की हत्या –बलात्कार ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है.

न्याय यात्रा की शुरुआत शोक, आक्रोश और न्याय के संकल्प के साथ हुई.

इस अवसर पर जहानाबाद जिला सचिव का. रामाधार सिंह, अरवल के पूर्व विधायक का. महानंद सिंह, घोसी के पूर्व विधायक का. रामबली सिंह यादव, का. श्रीनिवास शर्मा, का. हसनैन अंसारी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे. नीट छात्रा के माता-पिता और गांव के लोगों ने नम आंखों से न्याय यात्रा को विदा किया और उम्मीद जताई कि यह संघर्ष उनकी बेटी को न्याय दिलाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा.

न्याय यात्रा की शुरुआत को संबोधित करते हुए ऐपवा की महासचिव का. मीना तिवारी ने कहा कि बिहार में बेटियां असुरक्षित हैं और सरकार उन्हें सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल साबित हुई है. नीट छात्रा कांड हो, हॉस्टल कांड हों या लगातार सामने आ रही आत्महत्याएं—हर मामले में सरकारी तंत्र अपराधियों को बचाने और पीड़ित परिवारों को डराने में लगा हुआ है. उन्होंने कहा कि केवल CBI जांच की घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि दोषियों को सजा और पीड़ितों को न्याय सुनिश्चित करना होगा.

यह न्याय यात्रा आज जहानाबाद जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जनसभाएं, नुक्कड़ बैठकें और संवाद कार्यक्रम करते हुए आगे बढ़ रही है. यात्रा का रात्रि विश्राम नालंदा जिले के हिलसा में होगा. इसके बाद यह यात्रा नालंदा, नवादा, गया, औरंगाबाद, अरवल और पटना के विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए महिलाओं, छात्रों और आम जनता से संवाद करेगी तथा बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय से जुड़े सवालों को बुलंद करेगी.

न्याय यात्रा का समापन 10 फरवरी को बिहार विधानसभा के सामने महिलाओं के बड़े प्रदर्शन के साथ होगा, जहां राज्य सरकार से जवाबदेही तय करने और ठोस कार्रवाई की मांग की जाएगी.

इस राज्यव्यापी न्याय यात्रा में ऐपवा की महासचिव का. मीना तिवारी के साथ का. संगीता सिंह, का. रीता वर्णवाल, का. लीला वर्मा, का. वंदना प्रभा, का. आफशा जबीं सक्रिय रूप से शामिल हैं. इसके अलावा आइसा की राज्य अध्यक्ष का. प्रीति कुमारी, का. प्रिया, का. अनु तथा दीपंकर भी इस न्याय यात्रा में भाग ले रहे हैं.

ऐपवा और आइसा ने स्पष्ट किया कि जब तक बेटियों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह संघर्ष सड़क से सदन तक जारी रहेगा.

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