मुंगेर विश्विद्यालय के छात्रों द्वारा गेट तौरे जाने की सूचना पर कुलपति एवं कुलसचिव द्वारा गोपनीय दस्तावेजों को अंदर भेजने का लिया गया त्वरित निर्णय
मुंगेर विश्विद्यालय के छात्रों द्वारा गेट तौरे जाने की सूचना पर कुलपति एवं कुलसचिव द्वारा गोपनीय दस्तावेजों को अंदर भेजने का लिया गया त्वरित निर्णय
ऐसा करके कूलपति एवं कुलसचिव ने सैकड़ों परीक्षार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होने से बचा लिया।

जेटीन्यूज़
मुंगेर: मुंगेर विश्वविद्यालय में राष्टगान के दौरान छात्र संगठनों के आक्रामक होकर सदन में जबरन प्रवेश पाने की सूचना पाकर मेज पर पड़े छात्रों के परीक्षा संबंधी आवश्यक दस्तावेजो को अंदर भेजवाने का त्वरित निर्णय कुलपति एवं कुलसचिव द्वारा लिया गया । जिससे सैकड़ों परीक्षार्थियों के महत्वपूर्ण दस्तावेजों को उग्र छात्रों द्वारा नष्ट न होने देने का उनका प्रयास छात्रहित में उस क्षण की मांग थी। ऐसा करके कूलपति एवं कुलसचिव ने सैकड़ों परीक्षार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होने से बचा लिया। छात्रों द्वारा गेट तौरे जाने की सूचना पर गोपनीय दस्तावेजों को अंदर भेजकर सैकड़ो छात्रों के जिंदगी को बचाया गया। मुंगेर यूनिवर्सिटी की 7वीं सीनेट बैठक 13 फरवरी, 2026 को दोपहर 12:00 बजे से कैंपस में स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित थी। मीटिंग में शामिल होने के लिए सदस्यगण ससमय पहुंचने लगे थे। अलग-अलग कामों में लगे वॉलंटियर और अधिकारी ऑडिटोरियम में मौजूद थे।
बिना किसी पूर्व सूचना के, अलग-अलग छात्र संगठनो ने अचानक ऑडिटोरियम के दरवाज़े बंद कर दिए और बाहर नारे लगाने लगे।
माननीय कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार के आदेश पर रजिस्ट्रार डाॅ घनश्याम राय प्रॉक्टर प्रोफेसर जयंत कुमार और कॉलेज इंस्पेक्टर प्रोफेसर कलाल बाखला प्रदर्शनकारियों से मिलने ऑडिटोरियम के गेट पर गए। प्रदर्शनकारियों ने
रजिस्ट्रार डाॅ घनश्याम राय से बात करने से मना कर दिया और नारे लगाते रहे। इसी बीच, किसी ने रजिस्ट्रार डॉ.राय पर ‘ मिट्टी ‘ फेंका, जो नीचे दिए गए वीडियो में साफ़ तौर पर देखा जा सकता है और मिट्टी फेकने वाले की पहचान की जा सकती है । कुलसचिव अन्य अधिकारियों के साथ छात्रों का ज्ञापन लेकर लौट गए। फिर माननीय वाइस चांसलर के आदेश पर, डीएसडब्लू की लीडरशिप में तमाम पदाधिकारीगण छात्र संगठनों से मिलने गए,बात नही बनी। आखिर में, एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग में स्थित सिंडिकेट हाॅल में सीनेट मीटिंग करने का फैसला लिया गया। सिंडिकेट हॉल में सीनेट की बैठक आयोजित की गई। औपचारिक कार्यवाही शुरू हुई। बजट 2026-2027 को ध्वनिमत से पारित किया गया।

दो ज़रूरी फ़ैसले लिए गए: हर हफ़्ते छात्र दरबार बैठक और 23 फरवरी को सीनेट के शेष अन्य मुद्दों पर चर्चा। विश्वविद्यालय में तैनात सिक्योरिटी गार्ड ने कुलपति महोदय को बताया कि छात्रों ने ग्रांड फ़्लोर का गेट तोड़ दिया गया है। कुलपति और कुलसचिव ने एग्जामिनेशन डिपार्टमेंट से लाए गए कुछ कॉन्फिडेंशियल स्टूडेंट डॉक्यूमेंट्स को स्ट्रॉन्ग रूम में वापस भेजने के लिए कर्मियों को दिया ताकि अगर छात्र संगठनों से जुड़े छात्र अंदर आ गए तो गोपनीय डाक्यूमेंट्स को नुकसान न कर सके
बड़ा सवाल क्या वीडियो बनाने वाले को राष्ट्रगान के दौरान अटेंशन में नहीं खड़ा होना चाहिए था?
रजिस्ट्रार पर मिट्टी फेंकी गई, अगर वाइस चांसलर के साथ कुछ अनहोनी घटना हो जाती, तो कौन ज़िम्मेदार होता?

वहीं गलत मंशा से कुछ शरारती तत्वों द्वारा वीडियो चलाकर विश्वविद्यालय की गरिमा को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है, जो निंदनीय है।बरहाल ये जांच का विषय है ,इसपर कारवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटना ना हो ।

