भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर: जनसेवा की जीवंत विरासत
भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर: जनसेवा की जीवंत विरासत

जे टी न्यूज, समस्तीपुर: 17 फरवरी को भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि हमें उस महान जननेता की याद दिलाती है, जिसने राजनीति को जनहित और नैतिकता की मजबूत नींव पर खड़ा किया। समस्तीपुर की मिट्टी में जन्मे कर्पूरी ठाकुर ने अपने संघर्ष, सादगी और अडिग ईमानदारी से बिहार ही नहीं, पूरे देश में एक अलग पहचान बनाई।
वे उन विरले नेताओं में थे, जिनके लिए सत्ता सुख का साधन नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाने का माध्यम थी। पिछड़े, गरीब और वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए उन्होंने जो साहसिक निर्णय लिए, वे आज भी सामाजिक न्याय की दिशा में मील का पत्थर माने जाते हैं। उनकी राजनीति में दिखावा नहीं, बल्कि जमीन से जुड़ा हुआ जनविश्वास दिखाई देता था।
कर्पूरी ठाकुर का जीवन हमें यह सीख देता है कि सादगी ही सबसे बड़ी ताकत है और जनसेवा ही राजनीति का सर्वोच्च धर्म। आज जब सार्वजनिक जीवन में मूल्यों की चर्चा फिर से प्रासंगिक हो रही है, तब जननायक का आदर्श और भी मार्गदर्शक बनकर उभरता है

उनकी पुण्यतिथि पर हम सबका दायित्व है कि उनके सपनों के समतामूलक समाज के निर्माण हेतु ईमानदार प्रयास करें। यही जननायक कर्पूरी ठाकुर को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
डॉ. सीता कुमारी
सहायक प्राध्यापक, गृह विज्ञान विभाग
जी के पी डी कॉलेज, कर्पूरीग्राम, समस्तीपुर।



