कृषि विज्ञान केंद्र खोड़ावनपुर के वरीय वैज्ञानिक डॉ. राम पाल ने प्राण संस्था के साथ छौराही ब्लॉक में फील्ड विजिट, किसानों को आधुनिक खेती का मार्गदर्शन
कृषि विज्ञान केंद्र खोड़ावनपुर के वरीय वैज्ञानिक डॉ. राम पाल ने प्राण संस्था के साथ छौराही ब्लॉक में फील्ड विजिट, किसानों को आधुनिक खेती का मार्गदर्शन
गेंदा एवं शेड नेट टमाटर प्लॉट का निरीक्षण, किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में प्राण संस्था की पहल

बेगूसराय/छौराही। बेगूसराय जिले के छौराही प्रखंड में आज प्राण संस्था के सहयोग से कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) खोड़ावनपुर के हेड साइंटिस्ट डॉ. राम पाल द्वारा गेंदा (मैरीगोल्ड) एवं शेड नेट टमाटर प्लॉट का फील्ड विजिट किया गया। इस दौरान वैज्ञानिकों एवं किसानों के बीच संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें आधुनिक खेती की तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।
डॉ. राम पाल ने किसानों को बताया कि वैज्ञानिक पद्धति से खेती अपनाने पर कम लागत में अधिक उत्पादन संभव है और इससे किसानों की आय में वृद्धि होती है। उन्होंने फसल प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा पोषण प्रबंधन के बारे में व्यावहारिक सुझाव दिए।
फील्ड विजिट के दौरान गेंदा फूल की फसल की स्थिति का निरीक्षण किया गया और किसानों को बेहतर गुणवत्ता उत्पादन के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी दी गई। साथ ही शेड नेट में टमाटर की खेती के मॉडल को देखकर किसानों को संरक्षित खेती के लाभ समझाए गए।
इस अवसर पर प्राण संस्था के प्रतिनिधि विकास कुमार विमल ने बताया कि संस्था पिछले चार वर्षों से किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने, प्रशिक्षण देने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक अपनाने से क्षेत्र के किसान बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं और खेती के प्रति उनका विश्वास बढ़ा है।

उन्होंने यह भी बताया कि प्राण संस्था किसानों को बाजार से जोड़ने, उत्पादन लागत कम करने तथा टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। संस्था द्वारा महिला किसानों और समूहों को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि संस्था के सहयोग से उन्हें नई तकनीकों की जानकारी मिली है और उनकी आय में सकारात्मक बदलाव आया है। किसानों ने वैज्ञानिकों से विभिन्न समस्याओं के समाधान भी प्राप्त किए।
डॉ. राम पाल ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों के साथ मिलकर क्षेत्र में उन्नत खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इस तरह के फील्ड विजिट और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
फील्ड विजिट के दौरान किसानों को फसल की नियमित निगरानी, उचित सिंचाई प्रबंधन तथा जैविक एवं संतुलित उर्वरकों के उपयोग की सलाह दी गई।
प्राण संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए स्थानीय किसानों ने कहा कि संस्था के मार्गदर्शन से वे सरकारी लाभ प्राप्त कर रहे हैं और खेती को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित कर रहे हैं।
कार्यक्रम का समापन किसानों के साथ चर्चा और भविष्य की योजनाओं के आदान-प्रदान के साथ हुआ।
छौराही प्रखंड में गेंदा एवं शेड नेट टमाटर प्लॉट का निरीक्षण करते केवीके खोड़ावनपुर के हेड साइंटिस्ट डॉ. राम पाल और प्राण संस्था की टीम।



