सी पी आई (एम) का जन आक्रोश महारैली क्यों?

सी पी आई (एम) का जन आक्रोश महारैली क्यों

जे टी न्यूज, दिल्ली: रामलीला मैदान दिल्ली।यह महारैली जन आक्रोश रैली ही नहीं, बल्कि किसानों के आक्रोश की रैली है ।किसानों का कमर तोड़ने का जो मोदी सरकार काम कर रही है। जिस तरीके से आज तक एमएसपी को कानूनी दर्जा नहीं दिया गया। किसानों के कृषि कर्ज माफ नहीं किए गए और झूठ बोलने का काम मोदी सरकार किसानों से लगातार कर रही है,उसके खिलाफ रैली है ।सच्चाई यह कि कारपोरेट जगत को आज भी किसानों की जमीनों को लूटने के लिए मोदी सरकार द्वारा पूरी योजना बनाई जा रही है ।

 

अमेरिका से जो ट्रेड डील हुआ है। वह कृषि क्षेत्र का और किसानों के कमर को तोड़ देने का डील है।अमेरिका के कृषि उत्पादित सामान हमारे बाजार में बिना किसी शुल्क के बिकेंगे और हमारे सामान 18% टैक्स के साथ अमेरिका में बेचें जाएंगे। यह जन आक्रोश महारैली नहीं बल्कि असंगठित क्षेत्र के मजदूरों,कल कारखाने के मजदूर,कोयला खदान के मजदूर,सरकारी कर्मचारी ,बैंक कर्मी ,बीमा कर्मियों की रैली है ।आज तमाम जनतांत्रिक अधिकार मजदूरों के छीने जा रहे हैं। उनके मौलिक अधिकारों का भी हनन हो रहा है और 8 घंटा काम के अधिकार को जिस तरीके से 12 घंटा काम में तब्दील करने की तुम्हारी योजना है। उसके खिलाफ आक्रोश की रैली है ।यह रैली महिलाओं की आक्रोश की रैली हैं।

महिलाओं के तमाम अधिकार छीनते जा रहे हैं। लगातार सरेआम सड़कों पर बलात्कार किया जा रहे हैं और हत्याएं उनकी हो रही है। कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है उनकी रैली है।यह महारैली नौजवानों की रैली है।

जिनको तुमने बेरोजगार बनाकर रखा है और वह बर्दाश्त करने को अब तैयार नहीं है तब तक जब तक की तुमको गद्दी से उतार नहीं दिया जाए। इसलिए रामलीला मैदान इसका साक्षी है कि आने वाले दिनो में तुम्हारी सरकार की पराजय निश्चित रूप से होने वाली है।

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