पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने हेतु 7वें राज्य वित्त आयोग को भेजे गए सुझाव
पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने हेतु 7वें राज्य वित्त आयोग को भेजे गए सुझाव

जे टी न्यूज, पटना:
बिहार प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्राम कचहरी प्रतिनिधि महासंघ, बिहार द्वारा राज्य के त्रिस्तरीय पंचायत संस्थाओं एवं ग्राम कचहरी के सशक्तिकरण के लिए 7वें राज्य वित्त आयोग को महत्वपूर्ण सुझाव भेजे गए हैं। महासंघ के प्रदेश अध्यक्षों ने आयोग से अनुरोध किया है कि पंचायतों की स्वायत्तता, वित्तीय मजबूती और संवैधानिक अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए इन सुझावों को अपनी अनुशंसाओं में शामिल किया जाए।
महासंघ द्वारा भेजे गए प्रमुख सुझावों में कहा गया है कि 73वें संविधान संशोधन की भावना के अनुरूप पंचायतों को 29 विषयों पर वास्तविक अधिकार और निर्णयों के अनुपालन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही आयोग की अनुशंसाओं में राज्य के अनावश्यक हस्तक्षेप को समाप्त करते हुए पंचायतों को अधिक स्वायत्तता प्रदान की जाए।
महासंघ ने यह भी सुझाव दिया है कि राजस्व नियमावली (OSR) के अंतर्गत पंचायतों की आय के स्रोतों को मजबूत करने के लिए विशेष प्रावधान किए जाएँ, ताकि पंचायतें आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकें।
इसके अतिरिक्त पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय, संविदा कर्मियों के वेतन, पंचायत सरकार भवन निर्माण, नल-जल योजना एवं बिजली बिल जैसे खर्चों से पंचायतों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को कम करने की भी मांग की गई है। महासंघ ने आयोग से आग्रह किया है कि पंचायतों को राज्य बजट का एक निश्चित हिस्सा संवैधानिक रूप से उपलब्ध कराने की स्पष्ट अनुशंसा की जाए।
महासंघ ने यह भी कहा कि पंचायत समिति एवं जिला परिषद को संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अनुरूप स्पष्ट संरचना एवं अधिकार दिए जाएँ तथा प्रमुखों को भुगतान हेतु डोंगल और गाड़ी की व्यवस्था किया जाए ।ग्राम कचहरी को भी 7वें वित्त आयोग के माध्यम से उपकर एवं आकस्मिकता मद की सुविधा प्रदान की जाए एवं ग्राम कचहरी प्रहरी की नियुक्ति एवं उनके वेतन मद में राशि आवंटित किया जाए तथा अन्य माननीय न्यायालयों की भांति सभी सुविधाएं प्रदान की जाय ।
महासंघ के पदाधिकारियों ने आयोग से आग्रह किया है कि पंचायतों के वास्तविक सशक्तिकरण के उद्देश्य से इन सभी सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए अपनी अंतिम अनुशंसाओं में शामिल किया जाए।
इस अवसर पर प्रदेश मुखिया महासंघ मिथिलेश कुमार राय पंच सरपंच संघ अध्यक्ष अमोद कुमार निराला, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रमुख संघ जयमाला कुमारी ने संयुक्त रूप से कहा कि यदि पंचायतों को पर्याप्त वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार दिए जाएँ, तो ग्रामीण विकास की गति और अधिक तेज हो सकती है।


