प्रति व्यक्ति दुग्ध उपलब्धता मै शिखर छूना हमारा हो लक्ष्य – निदेशक, विश्व दुग्ध दिवस पर कार्यशाला आयोजित

कार्यालय, जेटी न्यूज।
समस्तीपुर। मिथिलांचल का गौरव सुधा ‘ कोरोना वायरस कोविड -19 महामारी के दौर में प्रधान मंत्री द्वारा किये गये लॉक डाउन घोषणा के दौरान मिथिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ अपने दुग्ध उत्पादक किसानों के साथ लगातार खड़ा रहा है। देश में दुध का उत्पादन बढा है।
हमारे देश में प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन 394 ग्राम दुध की उपलब्धता है। हमारे देश में वर्ष- ( 2018-19 ) में 18.775 करोड़ टन दुध उत्पादन हुआ जो पिछले वर्ष की तुलना में 6.5 प्रतिशत अधिक है। दुग्ध दिवस के अवसर पर निदेशक डीके श्रीवास्तव ने उक्त बातें कही। बताते चले कि संघ मुख्यालय के सभाकक्ष में अध्यक्ष उमेश राय एवं निदेशक मंडल के सदस्य राजीव कुमार मिश्रा की उपस्थिति में शारीरिक दूरी का पालन करते हुये विश्व दुग्ध दिवस पर आईडीए के बिहार चैप्टर के सहयोग से एक कार्यशाला आयोजित किया गया।
इस अवसर पर दुग्ध संघ के प्रबन्ध निदेशक धर्मेन्द्र कुमार श्रीवास्तव अपने संबोधन में कहा कि सभी पशुपालक बधाई के पात्र हैं क्योंकि आपके प्रयासों से ही भारत विश्व में दुग्ध उत्पादन में प्रथम स्थान पर है। हालांकि फिर भी हमारे देश में प्रति व्यक्ति दुध की उपलब्धता दुनियों के विकसित देशों के आंकड़े से बहुत कम है। हमें प्रति पशु दुग्ध उत्पादकता की मात्रा को बढाने हेतु अग्रसर रहना पड़ेगा।
प्रबन्ध निदेशक ने कोरोना वायरस ( कोविड -19 ) के लॉक डाउन अवधि में अपने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों का ससमय कार्य करने के लिये कोरोना योद्धा के रूप में भूरी – भूरी प्रशंसा की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में आईडीए दुग्ध संग्रहण एवं प्रसंस्करण की दिशा में नये तकनीक का हर समय हर स्तर पर उपलब्ध कराने वाली देश की एक शीर्ष संस्था है।
कार्यशाला में चर्चा के कम में वक्ताओं ने कहा कि दुग्ध संघों के द्वारा ग्रामीण स्तर पर पशुपालन को बढ़ावा देकर स्वरोजगार उत्पन्न किया जा सकता है। लॉक डाउन अवधि में बिहार एवं देश के सभी संघों के द्वारा पशुपालकों द्वारा उत्पादित दूध का संग्रहण एवं उनका सासमय भुगतान किया गया।
इससे हमारे गरीब एवं मार्जिनल पशुपालकों का सहकारिता के प्रति आस्था एवं विश्वास बढ़ा है। इससे मजदूरों की वापसी के दौर में उम्मीद की जा सकती है कि भविष्य में पशुपालन को और विकसित तकनीक का प्रयोग कर पूरे जोश के साथ इसे अपने आजीविका का साधन बनायेंगे।


