पुलिस परिवार परामर्श केंद्र ने 15 साल से बिछड़े पति-पत्नी को मिलाया

पूर्णिया में 16 मामलों की हुई सुनवाई, छह मामलों में समझौते से फिर बसा परिवार

पुलिस परिवार परामर्श केंद्र ने 15 साल से बिछड़े पति-पत्नी को मिलाया

पूर्णिया में 16 मामलों की हुई सुनवाई, छह मामलों में समझौते से फिर बसा परिवार

जे टी न्यूज
पूर्णिया। पुलिस परिवार परामर्श केंद्र, पूर्णिया में 9 अक्टूबर को कुल 16 मामलों की सुनवाई की गई। इनमें आठ मामलों का निष्पादन किया गया, जबकि छह मामलों में आपसी सहमति से समझौता कराकर टूटते परिवारों को फिर से बसाने की पहल की गई। वहीं, दो मामलों में काफी समझाने-बुझाने के बावजूद सहमति नहीं बनने पर संबंधित पक्षों को थाना अथवा न्यायालय की शरण लेने की सलाह दी गई।

सुनवाई के दौरान भवानीपुर थाना क्षेत्र का एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें पति-पत्नी पिछले 15 वर्षों से अलग रह रहे थे। महिला ने केंद्र को बताया कि चार संतान होने के बावजूद उसके पति ने उसे छोड़कर दूसरी शादी कर ली थी। लंबे समय से चल रहे इस विवाद को सुलझाने के लिए केंद्र के सदस्यों ने दोनों पक्षों की बातें सुनीं और आपसी बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया।

वहीं, पति का आरोप था कि उसकी पहली पत्नी बार-बार मायके चली जाती थी, जिसके कारण उसने दूसरी शादी कर ली। दूसरी ओर, पहली पत्नी की मांग थी कि पति दूसरी पत्नी के नाम जमीन-जायदाद लिख रहा है, इसलिए उसके नाम भी जमीन की व्यवस्था की जाए और मकान बनाकर दिया जाए। महिला ने स्पष्ट किया कि इन मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद ही वह पति के साथ रहने को तैयार होगी।

केंद्र के सदस्यों ने दोनों को समझाया-बुझाया। पति ने आश्वासन दिया कि पहली पत्नी उसके साथ रहने लगे तो वह एक महीने के भीतर उसके लिए मकान बनवा देगा। शुरुआत में महिला इस आश्वासन के बावजूद साथ रहने को तैयार नहीं थी, लेकिन केंद्र के सदस्यों के निरंतर प्रयास से अंततः दोनों के बीच सहमति बन गई। इस तरह 15 वर्षों से अलग रह रहे दंपती को फिर से साथ रहने के लिए राजी किया गया। मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट करने के लिए आगामी तिथि पर दूसरी पत्नी को भी केंद्र में बुलाया गया है।

मामलों के निष्पादन में केंद्र के सदस्य स्वाति वैश्यंत्री, अधिवक्ता दिलीप कुमार दीपक, बबीता चौधरी, जीनत रहमान, रविंद्र शाह और नारायण गुप्ता सहित अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। केंद्र का उद्देश्य आपसी संवाद और समझौते के माध्यम से पारिवारिक विवादों का समाधान कर परिवारों को टूटने से बचाना है।

Related Articles

Back to top button