जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर कमल मित्रा चेनोई के निधन पर दीपंकर भट्टाचार्य ने जताया शोक
‘छात्र आंदोलनों के सच्चे साथी थे चेनोई, उनका निधन अपूरणीय क्षति’
जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर कमल मित्रा चेनोई के निधन पर दीपंकर भट्टाचार्य ने जताया शोक
‘छात्र आंदोलनों के सच्चे साथी थे चेनोई, उनका निधन अपूरणीय क्षति’

जे टी न्यूज, नई दिल्ली/चेन्नई/पटना :
भाकपा-माले के महासचिव कॉमरेड दीपंकर भट्टाचार्य ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में राजनीति सिद्धांत एवं अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रोफेसर रहे शिक्षाविद और विचारक कमल मित्रा चेनोई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत प्रोफेसर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जाना देश के छात्र आंदोलन और अकादमिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि कमल मित्रा चेनोई केवल एक प्रोफेसर ही नहीं, बल्कि छात्रों के सच्चे मित्र और साथी थे। वे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) सहित देशभर के छात्र आंदोलनों के साथ मजबूती से खड़े रहे। छात्रों के संघर्षों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता, संवेदनशीलता और उनके साथ खड़े रहने का जज्बा हमेशा याद किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चेनोई का छात्र आंदोलनों के प्रति स्नेह, समर्थन और विश्वास आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। आज जब देश के छात्र लोकतांत्रिक अधिकारों और अपने विचारों की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे समय में उनके जैसे शिक्षाविद और विचारक की कमी गहराई से महसूस की जाएगी।
भाकपा-माले महासचिव ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में वे परिवार के साथ खड़े हैं। उन्होंने दिवंगत प्रोफेसर के योगदान को याद करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।