जिला पदाधिकारी ने बच्चों को दवा पिलाकर मिशन इंद्रधनुष 3.0 की किया शुभारम्भ

जेटी न्यूज मधुबनी

सघन मिशन इंद्रधनुष 3.0 (आईएमआई-3.0) यानि मिशन इंद्रधनुष अभियान की शुरुआत जिले के सदर अस्पताल में जिलाधिकारी अमित कुमार ने बच्चों को दवा पिलाकर की । नियमित टीकाकरण के दौरान टीके से वंचित रह गए दो वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती को इस विशेष अभियान में नि:शुल्क टीके लगाए जाएंगे। जिलाधिकारी ने बताया अभियान जिले के सभी 21 प्रखंडों में चलेगा। अभियान के दौरान 3372 बच्चे एवं 544 गर्भवती माताओं को प्रतिरक्षित किया जाएगा| 317 सत्र स्थलों पर टीकाकरण किया जाएगा।

 

उन्होंने बताया जिले के सभी प्रखंडों में 6 मार्च तक अभियान चलाया जाएगा। भारत सरकार की ओर से अभियान के अंतर्गत कोविड-19 संक्रमण के दौरान लॉकडाउन एवं अन्य कारणों से टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण करने का निर्देश दिया गया है। सघन मिशन इंद्रधनुष की शुरुआत भारत सरकार की ओर से 2017 में की गई थी। यह दो वर्ष से छोटे बच्चों और उन गर्भवती के लिए है जो नियमित टीकाकरण के दौरान छूट जाते हैं। इस अभियान का नाम इंद्रधनुष इसलिए रखा गया है, क्योंकि अभियान के दौरान 12 बीमारियों से प्रतिरक्षित करने के लिए टीके लगाए जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह टीकाकरण नि:शुल्क किया जाता है। भियान में शून्य से दो वर्ष तक के बच्चों को बीसीजी, ओपीवी, पेंटावेलेंट, रोटा वैक्सीन, आईपीवी, मिजल्स, विटामिन ए, डीपीटी बूस्टर डोज, मिजल्स बूस्टर डोज और बूस्टर ओपीवी के टीके लगाए जाएंगे। इसके अलावा अभियान में गर्भवती को टेटनेस-डिप्थीरिया (टीडी) का टीका भी लगाया जाएगा। कार्यक्रम को सफल करने के लिए व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम भी चलाये जा रहे हैं।

यूनिसेफ के एसएम नेट द्वारा सघन रूप से सोशल मोबिलाइजेशन का कार्य किया जा रहा है।सभी सत्रों पर आवश्यकता के अनुसार माता बैठक, सामुदायिक बैठक, वीएचएसएनडी बैठक के साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर जागरूकता रैली का भी आयोजन किया गया है। अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसकी मॉनिटरिंग के लिए प्रखंड स्तर से लेकर जिला स्तर तक टीम बनायी गयी है | अभियान के दौरान टीम फील्ड विजिट कर निरीक्षण भी करेगी| साथ ही फ्लेक्स बैनर के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मिशन इंद्रधनुष अभियान के तहत सभी 21 प्रखंड में टीकाकरण सत्र का चयन किया जाएगा। इसके लिए 317 सत्र स्थल का चयन किया गया है। जिसके तहत ऐसा गांव टोला जहां नियमित टीकाकरण सत्र आयोजित नहीं होता है,कम आच्छादन वाले नियमित टीकाकरण सत्र स्थल,ऐसा टीकाकरण सत्र जहां विगत 6 माह में दो या दो से अधिक टीकाकरण सत्र आयोजित नहीं किया गया है,रिक्त उपकेंद्र जहां टीकाकरण सत्र आयोजित नहीं होता है या अलग अलग टीका कर्मी द्वारा कार्य किया जाता है एवं जहां जागरूकता (मोबिलाइजेशन) की स्थिति अच्छी नहीं है, ऐसा टीकाकरण सत्र जहां विगत 1 वर्ष के अंदर काली- खांसी, गलाघोटू, खसरे का केस पाया गया है,ईट भट्ठा, दियारा क्षेत्र, मलिन बस्ती इत्यादि जहां पर स्वतंत्र रूप से टीकाकरण सत्र आयोजित नहीं होता है।

मिशन इंद्रधनुष अभियान के लिए चयनित सत्रों पर इन 2 माह में सिर्फ अभियान के तहत ही टीकाकरण किया जाएगा। अलग से टीकाकरण का कार्य नहीं किया जाएगा। हेड काउंट सर्वे अभियान के लिए गांव, शहरी क्षेत्रों में आशा या स्वैच्छिक कार्यकर्ता के द्वारा चूल्हेवार हेड अकाउंट सर्वे करते हुए सर्वे पंजी में छूटे हुए घरों तथा लाभार्थियों को दर्ज किया किया जाएगा। ताकि सभी लाभार्थी चिह्नित कर शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके। सभी घरों में सर्वे के पश्चात आशा फैसिलिटेटर /पर्यवेक्षक के द्वारा सर्वे सत्यापित किया जाएगा। सभी घरों में सर्वे के पश्चात आशा एवं एएनएम द्वारा ड्यू लिस्ट में सभी छूटे हुए लाभार्थी का नाम अंकित किया जाएगा।

सर्वे कार्य एवं अद्यतन नई सूची (न्यू लिस्ट) का मूल्यांकन एवं सत्यापन प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक, आशा फैसिलिटेटर, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक महिला पर्यवेक्षिका एवं सहयोग संस्था के प्रतिनिधि द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा। मौके पर ये रहे मौजूद सिविल सर्जन डॉ. सुनील कुमार झा,एसीएमओ डॉ.सुनील कुमार, सीडीओ डॉ.आर के सिंह,एसएमसी प्रमोद कुमार झा, अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक नवीन दास,डब्लयूएचओ के एसएमओ आदर्श वर्गीज, पाथ के मुन्ना यादव, चंचल कुमार उपस्थित थे।

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