*बकरे के शरीर पर लिखा मिला ‘अल्लाह’,मोहम्मद, 786,सिर पे चाँद कीमत सुनकर रह जाएंगे हैरान*

जेटी न्यूज़ संवाददाता शकील अहमद अंसारी
बदायूं के ब्लॉक उसावां के क्षेत्र ग्राम पंचायत खेड़ा जलालपुर के ग्राम शिम्भू नगला में पाया गया हिंदू भाई के घर अल्लाह मोहम्मद 786 सिर पर चांद लिखा हुआ पाया गया है इनके यहां बचपन से ही यह बकरा है वा इसकी जानकारी पहले से ही इनको है बकरा पालने वाले व्यक्ति नारायण दास शंभू नगला के निवासी हैं शुरू से ही इस बकरे को चना दूध बादाम किसमिस हरी घास पत्तियां आदि खाने में दिया जाता है इसकी कीमत सबसे पहले कस्बा अलापुर वालों ने 20 लाख 786 लगाई थी उसके बाद धीरे-धीरे मेरठ वालों ने इसकी कीमत 30 लाख 786 लगाई और हरियाणा वालों ने इसकी कीमत 32 लाख 786 लगा दी है तथा इसकी कीमत प्रतिदिन बढ़ रही है इसकी जानकारी आबिद, नाजिम अली ने इस बकरे को गौर से देखा था वह इनके घर वालों को इसकी जानकारी दी कहा कि इसके बकरा बहुत ही किस्मत वाला है बदायूं दरगाह छोटे बड़े सरकार के मुतवल्को ने इस बकरे को देखा और बताया कि इस पर लिखा हुआ है इस्लामिक धर्म के अनुसार
एक शख्स ने बताया कि इस तरह नाम लिखा पाया जाना खुदा का ही करिश्मा है। बकरे को खरीदने के लिए लोग बाहर से आ रहे हैं।

बता दें, त्याग और समर्पण का पैगाम देने वाला त्योहार बकरीद हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम द्वारा अल्लाह की राह में अपने प्रिय पुत्र हजरत इसमाईल को दी गई कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। ईद-उल-अजहा त्याग व बलिदान का पैगाम है। कुर्बानी देने के कारण अल्लाह के नजदीक हजरत इब्राहिम बहुत प्यारे थे। इस कारण उन्हें खलीलुल्लाह यानी अल्लाह का दोस्त की पदवी मिली।
बकरीद पर क्यों दी जाती है बकरे की कुर्बानी?
इस्लाम धर्म के बेहद ही प्रमुख पैगम्बरों में से एक थे हज़रत इब्राहिम. कुरान में इनके नाम का एक सूरा (अध्याय) भी है जिसे ‘सूरह-इब्राहीम’ कहा जाता है. इन्हीं की एक कुर्बानी के चलते बकरीद के मौके पर जानवरों (बकरे) की कुर्बानी दी जाती है.