आर.एस.एस जनता को अंधविश्वासी बना रही है: लक्ष्मण यादव जे. टी. न्यूज/अरुण नारायण बहुजन दावेदारी सम्मेलन भाग
आर.एस.एस जनता को अंधविश्वासी बना रही है: लक्ष्मण यादव
जे. टी. न्यूज/अरुण नारायण
बहुजन दावेदारी सम्मेलन भाग:5

पटना/बिहार:
” आर.एस.एस. और भाजपा जनता को जनता की भाषा में उन्हें अंधविश्वासी बना रहे हैं और हम अपने ही लागों को रोक पानेे भी असमर्थ हैं। अक्सर हम बौद्धिक 24 कैरेट खोजने को निकलते हैं। बामसेफ का हाल यह हो गया कि उसके कई भाग हो गए। हम जब अपना टूटा फुटा भी नहीं बचा पाये तो आॅरिजनल वाला कहां से बचा पाएंगे?’
ये बातें चर्चित सोशल एक्टिविस्ट लक्ष्मण यादव ने पिछले दिनों पटना के आई.एम.ए हाॅल में कहीं। सामाजिक न्याय आंदोलन बिहार की पहल पर आयोजित यह कार्यक्रम चैतरफा बढ़ते मनुवादी, सांप्रदायिक हमले व काॅरपोरेट कब्जा के खिलाफ बहुजन दावेदारी सम्मेलन के रूप में आहूत की गई थी। बिहार सहित कई राज्यों से आये इस सम्मेलन को पत्रकार उर्मिलेश पूर्व राज्यसभा सदस्य अली अनवर अंसारी, चर्चित पत्रकार अनिल चमड़िया, डा पीएनपी पाल, सिद्धार्थ रामू, प्रो. शिवजतन ठाकुर, वाल्मीकि प्रसाद, डाॅ. पी.एन.पी.पाल, जितेंद्र मीणा, सुमित चैहान, बलवंत यादव, राजीव यादव, अयूब राईन, विजय कुमार चौधरी, आईडी पासवान, नवीन प्रजापति, रामानंद पासवान, केदार पासवान, राजेंद्र प्रसाद, और डाॅ विलक्षण रविदास ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने देशभर में बढ़ते भगवा हमले, आदिवासियों के विस्थापित होने और बहुजन राजनीति के ए टू जेड में तब्दील होने के कारणों पर गहराई से चिंतन मनन किया।

दिल्ली से आये लक्ष्मण यादव ने कहा कि यह ऐसा समय है जब लिखने-पढ़ने वाले लोगों में भी एक ठहराव-सा आ गया है, इस गैप को भरने की जरूरत है।
उच्च शिक्षा की स्थिति की चर्चा करते हुए लक्ष्मण ने कहा कि यह सरकार नई शिक्षा के नाम पर शिक्षा का बंटाधार करने में में लगी है। 1996-97 में असोसिएट प्रोफोसर के जो पद हमें मिले थे वह भी खाली हैं। उन्होंने कहा कि हमारी आबादी 90 प्रतिशत है और व्यवस्था में हमारी हिस्सेदारी 10 प्रतिशत भी नहीं है। आर.एस.एस हिस्सेदारी के सवाल को नेपथ्य में रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि ब्राहणवाद और सैयदवाद एक-दूसरे को खाद पानी दे रहे हैं। मधेपुरा की चर्चा करते हुए श्री लक्ष्मण ने कहा कि यह समाजवाद का प्रभाव है कि उस शहर के विभिन्न चैराहों पर अन्य शहरों की तरह उन्हें देवी देवता की मूर्तियां नहीं मिली। वहां बीएन मंडल, बीपी मंडल और आंबेडकर शहर के चैराहों पर दिखे, लेकिन वहां भी रामनवमी के मौके पर इस साल पहली बार लोगों का समूह तलवार लेकर प्रकट हुआ। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणवाद और काॅरपोरेट मिलकर भारत को नष्ट करने में लगा है। मैं इसे आगाज के रूप में देख रहा हूं अंजाम क्या होगा नहीं जानता। उन्होंने कहा कि इस संकट से उबरने का रास्ता यही है कि हमारा एजेंडा प्लेस हो सके, अभियान शुरू हो। उन्होंने माना कि मुश्किलें अपरम्पार हैं लेकिन हम जड़ो से जुड़ेंगे तो शाखाएं हमें पहचान लेंगी और हम सभी बहुजन एक हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि हममें से कोई भी मुकम्मल लोग नहीं हैं, लेकिन हम अपने एजेंडे पर लड़ाई लड़े ंतो समाज का भला होगा। उन्होंने इस तरह के बहुजन आयोजन की 50 कड़ियां अलग-अलग जगहों पर करवाने का आह्वान किया और कहा कि इसकी अनुगूंज पूरे उत्तर भारत में गूंजनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम बहुजन समाज के लोग जब खतरा आता है तो एक हो जाते हैं और जब वह टल जाता है तो अपनों के ही खिलाफ खड़े हो जाते हैं। हमें नाक बड़ी करने की बजाय दिल बड़ा करने की जरूरत है। जगदेव प्रसाद की चर्चा करते हुए लक्ष्मण ने उनके चर्चित वाक्य को दुहराया कि पहली पीढ़ी शहीद होगी, दूसरी जेल जाएगी और तीसरी राज करेगी। उन्होंने कहा कि 22 में तीनों पीढ़िया हैं कुछ राज कर रहे हैं, हन्नी बाबू और आनंद तेलतुम्बड़े जेल में हैं।

मधेपुरा से किराई मुशहर की चर्चा करते हुए लक्ष्मण ने बतलाया कि उन्होंने जंग-ए-आजादी में रेल की पटरी उखाड़ी थी। जब वे सांसद बने तो रेल की बर्थ पर नहीं फर्श पर बैठकर दिल्ली की यात्रा तय की। ऐसे लोगों को आज याद किया जाना चाहिए। उनकी मूर्ति बैठनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि यहां के ज्यादा से ज्यादा बहुजन संगठन अपने न्यूनतम एजेंडे के साथ आयें और हिस्सेदारी के सवाल पर एकमत होकर संघर्ष की आवाज को मुखर करें। यह संभव है। जिस दिन हम एकमत हो गए कोई भी ताकत हमारी मांग को अनसुनी नहीं कर पाएगी। जिस दिन हम इस
मजबूती से आएंगे ये नेता भी मजबूर होंगे हमारी मांगों की अनदेखी वे कर ही नहीं सकते।

