सीयूएसबी के डॉ. रवीन्द्र कुमार को शिक्षा में नवाचार के लिए एनसीईआरटी से मिला शोध अनुदान

सीयूएसबी के डॉ. रवीन्द्र कुमार को शिक्षा में नवाचार के लिए एनसीईआरटी से मिला शोध अनुदान


जे टी न्यूज़, गया : दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के शिक्षक शिक्षा विभाग के डॉ. रवीन्द्र कुमार एवं प्रो. रवि कांत के शोध परियोजना प्रस्ताव को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् एनसीईआरटीद्वारा शिक्षा में नवीन प्रथाओं और प्रयोगों को बढ़ावा देने के लिए पुरस्कार 2023-24 के लिए चुना गया है। जन संपर्क पदाधिकारी पीआरओ ने बताया कि इस शोध परियोजना में डॉ. रवीन्द्र कुमार सहायक प्राध्यापक परियोजना निदेशक के रूप में कार्य करेंगे जबकि प्रो. रवि कांत सह-निदेशक के रूप में अपना बहुमूल्य योगदान देंगे। डॉ. रविन्द्र कुमार को शोध परियोजना प्राप्त होने पर कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह तथा कुलसचिव कर्नल राजीव कुमार सिंह ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी है |विस्तृत जानकारी देते हुए डॉ. रवीन्द्र कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के आलोक में इस शोध परियोजना को संचालित किया जाएगा | एनसीईआरटी शिक्षा में नवीन अभ्यास और प्रयोगों के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है।

इस आलोक में एनसीईआरटी ने स्कूल और शिक्षक शिक्षा संस्थानों के लिए शिक्षा में नवीन प्रथाओं और प्रयोगों को बढ़ावा देने के क्षेत्र में 2023-24 के अनुसंधान प्रस्ताव आमंत्रित किए थे । इसी के अंतर्गत हमारे द्वारा प्रस्तुत ‘मध्य विद्यालय के छात्रों के लेखन कौशल पर सामाजिक-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण आधारित गतिविधियों का प्रभाव’ शीर्षक वाला शोध प्रस्ताव एनसीईआरटी विशेषज्ञ समिति के सभी मानदंडों पर खरा उतरा है और पुरस्कार के लिए चुना गया है।अनुसंधान के संचालन के दौरान हमारी टीम एक पैकेज विकसित करेंगे जो मध्य विद्यालय के छात्रों के बीच मैक्रो-संगठन, उत्पादकता, सटीकता, प्रवाह और शाब्दिक विविधता के संदर्भ में लेखन कौशल विकसित करने के लिए उपयोगी साबित होगा।

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