मुजफ्फरपुर में दलित लड़की के साथ बलात्कार व हत्या के खिलाफ 18 अगस्त को राज्यव्यापी प्रतिवाद
माले व ऐपवा की टीम ने किया मुजफ्फरपुर के पारू का दौरा
मुजफ्फरपुर में दलित लड़की के साथ बलात्कार व हत्या के खिलाफ 18 अगस्त को राज्यव्यापी प्रतिवाद
माले व ऐपवा की टीम ने किया मुजफ्फरपुर के पारू का दौरा

जे टी न्यूज, पटना :
मुजफ्फरपुर के पारू में एक दलित लड़की के साथ बलात्कार व हत्या की बेहद दर्दनाक घटना के खिलाफ पीड़िता के लिए न्याय की गारंटी और अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग पर भाकपा-माले व ऐपवा की ओर से आगामी 18 अगस्त को राज्यव्यापी प्रदर्शन किया जाएगा.
आज ऐपवा की महासचिव का. मीना तिवारी के नेतृत्व में एक जांच टीम पारू पहुंची और पूरे मामले की गहराई से छानबीन की. जांच टीम में उनके अलावा ऐपवा की नेता मालती राम, स्वर्णिमा सिंह, जितेन्द्र यादव, आफताब आलम, कृष्णमोहन, असलम, विवेक, वीर बहादुर सहनी, सतीश राम आदि शामिल थे.
ऐपवा महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि कोलकाता से लेकर उत्तराखंड और बिहार से विगत पांच-छह दिनों में बलात्कार व हत्या की बेहद अमानवीय घटनायें बेहद चिंतनीय है. कोलकाता में एक डाॅक्टर के सज्ञथ कार्यस्थल पर बलात्कार व हत्या की घटना को अंजाम दिया गया. उत्तराखंड में एक नर्स के साथ बलात्कार और उसकी हत्या की गई. और बिहार के मुजफ्फरपुर में एक गांव की युवा लड़की के साथ बलात्कार व हत्या कर दी गई. ये तीनों घटनाएं लगभग एक साथ घटित हुई हैं जो इस सवाल को एक बार फिर से महिलाओं की सुरक्षा व स्वतंत्रता के सवाल को उठा रहा है.

माले व ऐपवा जांच दल ने पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की. प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार बगल का ही अपराधी संजय राय मृतक पीड़िता से शादीशुदा होने के बावजूद शादी का दबाव बना रहा था. पीड़िता की मां के इंकार के बाद 12 अगस्त की रात में संजय राय चार-पांच लोगों के साथ घर के पीछे लगे बाड़े से घुसा. उस वक्त मृतक युवती अपनी बहन व मां के साथ एक ही चैकी पर सो रही थी. उसकी मां ने संजय राय को पहचान लिया. सभी अपराधी उक्त युवती को उठाकर ले गए. परिजनों ने हल्ला मचाया लेकिन लडकी नहीं मिली.
अगले दिन बगल के पोखर से उसकी लाश मिली. उसके कपड़े पोखर के बाहर ही रखे गए थे. उसके ब्रेस्ट पर कई जगह घाव के निशान थे. शरीर बुरी हालत में था. इस कारण यह मानने में कोई संदेह नहीं रह जाता कि हत्या के पहले उसके साथ बलात्कार की घटना को अंजाम दिया गया.
प्रशासन पूरे मामले की लीपपोती में ही लगी हुई है. एसपी का बयान था कि युवती के प्राइवेट पार्ट में जख्म के कोई निशान नहीं है. अभी तक सरकार का कोई पदाधिकारी पीड़ित परिजनों से मिलने नहीं पहुंचा है. पूछताछ के नाम पर एक दो लोगों को पुलिस ने बुलाया है लेकिन मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं हुई है. कोई मुआवजा नहीं मिला है.
ऐसे में प्रशासन की भूमिका संदिग्ध लगती है.

हमारी मांग है कि
1. मृतक युवती की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए!
2. सभी अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए!
3. मृतक परिजन को 10 लाख रु. का मुआवजा उपलब्ध कराया जाए और उनकी सुरक्षा की गारंटी की जाए!
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इन मांगों को लेकर 18 अगस्त को राज्यव्यापी प्रतिवाद होगा. मुजफ्फरपुर में कल ही यानी 17 अगस्त को कार्यक्रम होगा. 20 अगस्त को पारू में बड़ा कार्यक्रम होगा जिसमें महागठबंधन के घटक दल भी शामिल होंगे।
