विद्यापति राजकीय महोत्सव : खाली कुर्सियों के बीच कवि सम्मेलन संपन्न

विद्यापति राजकीय महोत्सव : खाली कुर्सियों के बीच कवि सम्मेलन संपन्न


जेटी न्यूज
समस्तीपुर। तीन दिवसीय 12 वें विद्यापति राजकीय महोत्सव के दूसरे दिन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें खाली कुर्सियों और गिने चुने श्रोताओ के बीच कवियों ने अपनी रचनायें प्रस्तुत की। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय समारोह में कवि सम्मेलन के दौरान दो दर्जन से अधिक कवियों ने अपनी कविताओं का पाठ किया। लेकिन खास बात यह रही कि कवि सम्मेलन के वक्त अधिकांश कुर्सियां खाली रही, जिससे कवियों द्वारा प्रस्तुत कविताओं का रंग फीका पड़ गया। लोग बताते है कि महोत्सव के दौरान अधिकांश कवि अपनी रटी-रटाई रचनाओं का पाठ करते है, जिसे सुनते में श्रोताओं की अब रूचि नहीं रही। कार्यक्रम का उद्घाटन एसडीओ प्रियंका कुमारी, प्रवीण कुमार चुन्नू, चांद मुसाफिर आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

अध्यक्षता साहित्यकार व पत्रकार चाँद मुसाफिर ने किया। पूर्व मुखिया गणेश गिरी कवि ने विद्यापति की रचनाओं की जानकारी दी। इस दौरान कवि सत्संग भारद्वाज की कविता पाठ हम सब मैथिल हमारा मिथिला राज चाही…, कवि शिव कुमार की कविता जन्म लिए जो दरभंगा में… नित्य गंगा स्नान किया… माँ गंगा भक्ति से खुश हो कर भक्त को प्रणाम किया… ने श्रोताओं का मन मोह लिया। कवि सम्मेलन का संचालन नामचीन कवि शंकर कैमुरी ने किया। कुर्सियां भले खाली रही हों मगर मंच पर खाली पर नहीं दिखा, मौके पर कवि शैलेंद्र शर्मा त्यागी, प्रवीण कुमार वर्मा उर्फ चुन्नु, तृप्ति नारायण झा, अरुण कुमार मालपुरी, सत्संग भारद्वाज, स्मृति झा, सीताराम
शेरपुरी आदि कवियों और कवियित्रियों ने भी अपनी कविता पाठ किया। कार्यक्रम में गणेश गिरी, बीड़ियो महताब अंसारी, सीओ कुमार हर्ष, सतीश गिरी, पवन गिरी मौजूद थे।

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