चुनाव सामने देख भाजपा ने फिर खेला गंदा खेल, अब आलोक मेहता के घर पर ईडी ने डाली रेड
चुनाव सामने देख भाजपा ने फिर खेला गंदा खेल, अब आलोक मेहता के घर पर ईडी ने डाली रेड
जेटी न्यूज।

समस्तीपुर। चुनाव सामने देख भाजपा ने एकबार फिर गंदा खेल खेला और कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना की तर्ज पर हमेशा की तरह एनडीए के तोते ईडी की टीम ने शुक्रवार को राजद के कद्दावर नेता सह उजियारपुर विधायक आलोक मेहता के ठिकानों पर छापा मार ही दिया। विदित हो कि यह छापा एक ऐसे मामले में मारा गया है जिसके एफआईआर में दूर-दूर तक उनका नाम नहीं है। यह सब ठीक उसी प्रकार हुआ जैसे कि आई आरसीटीसी मामले में युवा तुर्क राजद नेता तेजस्वी यादव को जबरन बदनाम करने के लिए परेशान किया गया। अब भाजपा की जाँच एजेंसी वही गंदा काम आलोक मेहता के साथ खेल रही है।

बताते चलें कि ये पूरा मामला वैशाली शहरी को-ऑपरेटिव बैंक से जुड़ा है जहाँ 83.50 करोड़ का गबन हुआ है। इस मामले में जालसाजी की जो भी घटनाएं हुई वो दिसंबर 2020 से 2023 तक की है। जबकि श्री मेहता यहाँ साल 2012 तक ही अध्यक्ष रहे थे।
एफ आई आर की कॉपी पढ़िए जिसमें 1. मुख्य आरोपी – विपिन तिवारी (बैंक का CEO) 2. संजीव कुमार – अध्यक्ष। 3. सैयद शाहनवाज वजी – प्रबंधक हाजीपुर शाखा दर्ज है। एफ आई आर में आलोक मेहता का कहीं नाम नहीं है। फिर छापा क्यों? उनकी गलती केवल इतनी है कि वो कुशवाहा समाज से हैं और राजद में है। समाजवादी हैं। बाबू जगदेव प्रसाद के उसूलों पर चल रहें हैं। भाजपा-आरएसएस से समझौता नहीं करते। विपिन तिवारी को क्यों बचाया जा रहा है, इसका जवाब मैं आपके विवेक पर छोड़ता हूँ।
प्राथमिकी का मजमून आप भी पढ़ लीजिए।
