आरक्षण एवं संविधान के समक्ष चुनौतियां विषय पर सेमिनार का आयोजन

आरक्षण एवं संविधान के समक्ष चुनौतियां विषय पर सेमिनार का आयोजन

जे टी न्यूज, विभूतिपुर( विनय कुमार राय): भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी सीपीएम की बनहैति शाखा द्वारा डीहबार स्थान के समीप बाबा साहेब अंबेडकर के आरक्षण के विचार और और संविधानके समक्ष चुनौतियां विषय पर एक खुला शिविर का आयोजन किया गया ।

सेमिनार को संबोधित करते हुए सीपीएम जिला सचिव मंडल सदस्य कामरेड महेश कुमार ने कहा की बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने देश के अंदर गैर बराबरी को समाप्त करने सभी को समान रूप से शिक्षा प्राप्त करने का और सभी को मत देने का अधिकार संविधान के द्वारा दिया जो हम तमाम भारतीयों के लिए वरदान से काम नहीं।पिछली पंक्ति के लोगों को समाज में आगे बढ़ाने और सम्मान की जिंदगी जी ने का अधिकार हमारा संविधान देता है जबकि पहले छुआछूत और भेदभाव पर आधारित हमारी सामाजिक व्यवस्था कायम थी जहां बैठने एक साथ खाने कुआं पर पानी पीने तमाम बातों से दलित पिछड़ों को वंचित होना पड़ता था । इस गैर बराबरी और छुआछूत की व्यवस्था को मनुवादी सिद्धांत आज भी कायम रखना चाहता है इसके खिलाफ बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक ले जाने की आवश्यकता । संविधान प्रदत्त आरक्षण की व्यवस्था को समाप्त करने की उच्च स्तरीय साजिश न्यायालय के माध्यम से किया गया पिछले दिनों आरक्षण की सीमा को बिहार के अंदर बढ़कर और 75% दलित पिछड़ों और के लिए किया गया था लेकिन उसको एक झटके में समाप्त कर दिया गया मोदी सरकार को संविधान की नवमी अनुसूची में शामिल कर आरक्षण की व्यवस्था को बरकरार करना चाहिए लेकिन वह खुद संविधान और आरक्षण के खिलाफ हैं । बाबा साहब द्वारा निर्मित संविधान को बदलकर मनुस्मृति को लागू करने वाले लोग कभी भी आरक्षण देना पसंद नहीं करते । आज शिक्षा का बजरी कारण होने से दो तरह की शिक्षा व्यवस्था हो गई है एक पैसे वाले के लिए और दूसरा आम लोगों के लिए समान शिक्षा पद्धति बाबा साहब ने तय किया था लेकिन आज उसको खत्म किया जा रहा रोजगार के अवसर निजीकरण की वजह से समाप्त हो रहे हैं ।

इस साजिश को दलित पिछड़ों को समझाना पड़ेगा और आरक्षण और संविधान बचाने के लिए आगे आना पड़ेगा । सेमिनार को संबोधित करते हुए सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहां की बाबा साहब ने लोगों को शिक्षित होने संगठित होकर संघर्ष करने कारास्ता दिया जो लोगों के जीवन में बदलाव करने मैं कारगर हथियार साबित हुआ आज उन अधिकारों को समाप्त करने की साजिश हो रही है इसके खिलाफ संगठित होना होगा और बाबा साहब के विचारों को गांव-गांव तक पहुंचाना पड़ेगा । देश के गृह मंत्री द्वारा बाबा साहब को अपमानित करना संविधान विरोधी कदम है और इस अपमान का बदला देश की जनता समय आने पर लगी ।

सेमिनार को जनवादी नौजवान सभा के अंचल सचिव संजय कुमार बबलू कुमार डॉक्टर गोपाल प्रसाद आदि ने संबोधित किया । अध्यक्षता सुरेश दास ने किया ।

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