भगवान “प्रतीक्षा” के विषय हो सकते हैं परंतु “परीक्षा” के नहीं -वीप्र ब्रजेश

भगवान “प्रतीक्षा” के विषय हो सकते हैं परंतु “परीक्षा” के नहीं -वीप्र ब्रजेश

जे टी न्यूज, केसरिया /पू०च०: प्रखंड क्षेत्र के सुंदरापुर में आयोजित नवचंडी महायज्ञ के छठे दिन कथावाचन करते हुए कथावाचक विप्र ब्रजेश ने कहा कि भगवान प्रतिक्षा के विषय हो सकते है परंतु परीक्षा के नहीं।उन्होंने हजारों नर नारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि भगवान की प्रतीक्षा करती हुई माता शबरी के याहां भगवान आते हैं। मानस की पांच नारियां श्री सती माता , माता स्वयंप्रभा, माता सीता, माता शबरी, और सुपर्णखा। यह सभी भगवान को प्राप्त करना चाहती हैं।
सती माता “परीक्षा” से
सीता माता “इच्छा” से
शबरी माता “प्रतिक्षा” से
स्वयं प्रभा माता “शिक्षा”से
सूर्पनखा “समीक्षा” से भगवान को पाना चाहती हैं। आज भगवान श्री राम प्रतीक्षा करती हुई माता शबरी के आश्रम पर आते हैं।उनके प्रवचन से सभी भक्त सुध बुध खो कर कथा श्रवण करने लग जाते हैं महायज्ञ विगत तीस जनवरी से प्रारंभ होकर सात फरवरी को समापन हो जाएगी।ईस महायज्ञ के अध्यक्ष अभिनन्दन यादव, उपाध्यक्ष रविन्द्र यादव, सचिव संजय सिंह, कोषाध्यक्ष रीठा साह,प्रबंधक लव कुमार यादव, संयोजक आनंद सिंह चन्द्रशेखर ठाकुर, मुखिया हीरालाल सहनी।वहीं हरिद्वार के महान संत स्वामी श्री शेष नारायणाचार्य,संत सन्यासी बाबा के अलावे अनेकों संतों के द्बारा कथा वाचन किया जाता है वहीं भब्य मेला का आयोजन किया गया है

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